मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार आज यानी 10 मार्च को बाजार से 5800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के शेड्यूल के अनुसार, यह चालू वित्तीय वर्ष का आखिरी कर्ज होगा. इस साल सरकार ने अब तक रिकॉर्ड 19 बार बाजार से उधारी ली है.
तीन किश्तों में मिलेगा पैसा
आज लिया जाने वाला कर्ज तीन अलग-अलग किश्तों में होगा:
पहली किश्त: 1900 करोड़ रुपये
दूसरी किश्त: 1700 करोड़ रुपये
तीसरी किश्त: 2200 करोड़ रुपये
इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने कुल 85 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब 5 लाख 66 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा.
सरकार बनाम विपक्ष: छिड़ा सियासी संग्राम
सरकार का तर्क है कि विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं (जैसे लाडली बहना योजना) को सुचारू रूप से चलाने के लिए तय सीमा के भीतर ही कर्ज लिया जा रहा है. लेकिन विपक्ष ने इसे 'आर्थिक कंगाली' करार दिया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, "मोहनलाल जी कर्ज लेने के मामले में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी आगे निकल गए हैं. उनकी भूमिका अभी तक सकारात्मक नहीं दिखी."
योजनाओं पर सवाल उठाते हुए पटवारी बोले कि लाडली बहनों को 3000 रुपये देने का वादा कर धोखा दिया जा रहा है. मध्य प्रदेश में डिग्रियां बेचने वाले विश्वविद्यालय बन गए हैं.
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस आएगी और सरकार द्वारा लिया गया यह सारा कर्ज चुकाएगी.
उधारी बढ़ने के मुख्य कारण
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, लाडली बहना जैसी फ्लैगशिप योजनाओं का बढ़ता वित्तीय भार, नए निवेश प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों के कारण सरकार को लगातार बाजार से पैसा उठाना पड़ रहा है. होली से ठीक पहले भी सरकार ने 6300 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था.