मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में रहने वाले पुरुषोत्तम दास असाठी ने 15 साल में 50 करोड़ 15 लाख राम नाम का लेखन कर संग्रहण किया है.
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में इंजीनियर रहे असाठी 2003 में शासकीय सेवा से सेवानिवृत हो गए थे. 2009 में ओंकारेश्वर यात्रा के दौरान मिले एक संत की प्रेरणा से श्री राम लेखन में रुचि जागृत हुई. वहां से लौट कर असाठी जी ने स्वयं के व्यय से पुस्तिका छपवाई और लोगों को वितरित कर राम नाम लेखन के लिए प्रेरित किया.
बुजुर्ग असाठी के साथ साथ राम लेखन का कार्य उनके साथ प्रदेश भर में जुड़े लोगों के साथ जेल में बन्द बंदी भी कर रहे हैं. 2009 से 2017 के बीच लगभग 29 करोड़ राम नाम लिखी पुस्तिका अयोध्या में संचालित सीताराम बैंक में जमा कर चुके हैं. और अब 50 करोड़ 15 लाख राम नाम लिखी पुस्तिका तैयार हैं जिन्हें जल्द ही अयोध्या भेजा जाएगा.
राम लेखन के लिए छपी एक पुस्तक में 11 हजार बार राम का नाम लिखा जाता है. असाठी द्वारा ऐसी तकरीबन 80,000 पुस्तिकाएं स्वयं के व्यय से प्रिंट करा कर लोगों को राम नाम लिखने के लिए दी गईं हैं. 81 वर्ष की उम्र में पहुंच चुके पुरुषोत्तम दास जी आज भी रोजाना 1000 बार राम का नाम लिखते हैं, जो राम के प्रति उनके अटूट प्रेम को दर्शाता है.