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'मान लिया था, अब मैं भी डूब जाऊंगा...' जबलपुर क्रूज हादसे में 4 घंटे तक मौत से लड़ते रहे 72 साल के रियाज

जबलपुर के बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे में 72 साल के रियाज हुसैन ने मौत को बेहद करीब से देखा. डूबते क्रूज के भीतर गर्दन तक पानी में फंसे रियाज करीब चार घंटे तक जिंदगी की आखिरी उम्मीद थामे रहे. जब उन्हें लगा कि अब बचना नामुमकिन है, तभी रेस्क्यू टीम उनके लिए फरिश्ता बनकर पहुंची.

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रियाज की पत्नी और एक रिश्तेदार और उनका बेटा अब भी लापता. (Photo: Screengrab)
रियाज की पत्नी और एक रिश्तेदार और उनका बेटा अब भी लापता. (Photo: Screengrab)

मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर हुआ क्रूज हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला जख्म बन गया. इस भयावह हादसे में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई. 72 साल के रियाज हुसैन भी उस क्रूज पर सवार थे. डूबते क्रूज के भीतर गर्दन तक पानी में रियाज ने करीब चार घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया. इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव मिल चुके हैं.

गुरुवार की शाम जब क्रूज नर्मदा नदी के बैकवाटर में पहुंचा, तभी मौसम ने अचानक करवट ली. तेज हवाएं चलने लगीं और पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं. देखते ही देखते क्रूज डगमगाने लगा. कुछ ही पलों में अफरा-तफरी मच गई. लोग चीखने लगे, कोई लाइफ जैकेट तलाश रहा था तो कोई अपने परिजनों को संभालने में जुटा था.

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रियाज हुसैन भी अपने परिवार के साथ इस सफर पर निकले थे. लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह यात्रा जिंदगी की सबसे खौफनाक यात्रा बन जाएगी. जैसे ही क्रूज में पानी भरना शुरू हुआ, रियाज ने खुद को संभाला.

Jabalpur 72 Year Old Riyaz Survived Three Hours Inside Sinking Cruise

क्रूज तेजी से पानी में समा रहा था. ऐसे में रियाज को क्रूज का एक छोटा-सा हिस्सा दिखाई दिया, जो अब भी पानी से करीब दो फीट ऊपर था. उन्होंने वहीं खुद को टिकाया. कुछ ही मिनटों में पानी उनकी गर्दन तक पहुंच गया. सांसें चल रही थीं, लेकिन हर पल मौत सामने खड़ी नजर आ रही थी.

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रियाज बताते हैं कि उस वक्त उन्हें लगने लगा था कि अब बचना मुश्किल है. चारों तरफ पानी था, अंधेरा था और क्रूज से टकराती लहरों की भयावह आवाजें दिल दहला रही थीं. उनके मन में बस एक ही ख्याल आया- सब डूब रहे हैं, अब मैं भी डूब जाऊंगा.

यह भी पढ़ें: मां के सीने से लिपटा मिला 4 साल का मासूम... जबलपुर क्रूज हादसे में अब तक 9 मौतें, 23 की बची जान

लेकिन जिंदगी अभी हार मानने को तैयार नहीं थी. रियाज ने हिम्मत नहीं छोड़ी. करीब चार घंटे तक वह उसी स्थिति में डटे रहे. गर्दन तक पानी, शरीर ठंड से कांप रहा था और सांसों पर भी संकट था.

इसी बीच उन्हें बाहर से लोगों की आवाजें सुनाई दीं. यह आवाजें उनके लिए उम्मीद की किरण बन गईं. उन्होंने पूरी ताकत से क्रूज की दीवारों पर हाथ मारना शुरू किया. आवाज सुनकर रेस्क्यू टीम उनकी ओर पहुंची.

Jabalpur 72 Year Old Riyaz Survived Three Hours Inside Sinking Cruise

बचाव दल ने गैस कटर की मदद से क्रूज के ऊपरी हिस्से को काटा और आखिरकार रियाज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. हालांकि, इस चमत्कारी बचाव के बावजूद रियाज की खुशियां अधूरी हैं. हादसे के बाद से उनकी पत्नी और समधन अब भी लापता हैं. एक तरफ अपनी जिंदगी बचने की राहत है, तो दूसरी तरफ अपनों की चिंता उन्हें भीतर से तोड़ रही है.

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23 लोगों को बचाया गया, 9 लोगों के मिल चुके शव

दरअसल, बरगी डैम में गुरुवार की शाम करीब पांच बजे पर्यटकों से भरा क्रूज नर्मदा नदी के बैकवाटर में पहुंचा था. उसी दौरान मौसम अचानक बदल गया. तेज हवाएं चलने लगीं और पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं. कुछ ही देर में क्रूज डगमगाने लगा. यात्रियों में चीख-पुकार मच गई. देखते ही देखते क्रूज में पानी भरने लगा और वह डूबने लगा.

इस घटना के बाद सूचना मिली तो स्थानीय प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड, एसडीआरएफ और बाद में एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं. अब तक 23 लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 9 लोगों की मौत हो चुकी है. लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है.

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