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मां के सीने से लिपटा मिला 4 साल का मासूम... जबलपुर क्रूज हादसे में अब तक 9 मौतें, 23 की बची जान

जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 23 लोगों को बचाया जा चुका है. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जब एक मां का शव उसके चार साल के मासूम बेटे को सीने से लगाए मिला, तो वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप उठी. इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह की आंखें भी नम हो गईं.

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क्रूज पर सवार थे कुल 30 पर्यटक. (Photo: Screengrab)
क्रूज पर सवार थे कुल 30 पर्यटक. (Photo: Screengrab)

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा झकझोर देने वाला है. नर्मदा नदी के बैकवाटर में तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच पर्यटकों से भरा क्रूज अचानक डूब गया. अब तक 9 लोगों के शव मिल चुके हैं. वहीं 23 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है.

दिल्ली के रहने वाले प्रदीप कुमार इस हादसे में किसी तरह बच गए, लेकिन उनकी पत्नी और चार साल का बेटा अब भी लापता हैं. प्रदीप ने हादसे की भयावह कहानी सुनाते हुए क्रूज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने बताया कि क्रूज पर सुरक्षा इंतजाम नाममात्र के थे. क्रू के दो सदस्य मौजूद थे, लेकिन जब हालात बिगड़े तो उन्होंने यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ दिया.

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प्रदीप के मुताबिक, किसी को समय पर लाइफ जैकेट तक नहीं दी गई. पर्यटकों ने खुद ही एक-दूसरे को लाइफ जैकेट पहनाई. उन्होंने बताया कि जब तेज लहरें उठने लगीं, तब किनारे पर मौजूद लोगों ने भी चालक को क्रूज किनारे लगाने के लिए कहा था. लेकिन चालक वापस शुरुआती प्वाइंट तक जाने पर अड़ा रहा और कुछ ही देर में क्रूज पानी में समा गया.

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Jabalpur Cruise Tragedy 9 Dead Mother Found Holding 4 Year Old Son

हादसे के बाद बरगी डैम के आसपास चीख-पुकार मच गई. मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और बचाव दल ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया. अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक, गोताखोरों ने हादसे के लगभग 12 घंटे बाद एक महिला का शव बरामद किया है. शवों के मिलने के साथ ही परिजनों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं. कई परिवार अभी भी अपने अपनों के लौटने की आस लगाए बैठे हैं.

रात भर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराया. कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह और मंत्री धर्मेंद्र लोधी पूरी रात घटनास्थल पर डटे रहे. दोनों मंत्रियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी की.

रात भर डूबे हुए क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश की गई. लोहे के तारों की मदद से उसे खींचा गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली. इसके बाद भोपाल और आगरा से एनडीआरएफ की टीमों को बुलाया गया.

एनडीआरएफ के विशेषज्ञ गोताखोर अब डूबे हुए क्रूज के अंदर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं. प्रशासन को आशंका है कि लापता लोगों के जीवित बचने की संभावना बेहद कम है.

यह भी पढ़ें: जबलपुर के बरगी डैम में बड़ा हादसा: 30 पर्यटकों से भरा क्रूज डूबा, 6 शव बरामद, कई लापता, रेस्क्यू जारी

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जबलपुर के आईजी प्रमोद वर्मा ने कहा कि हादसे के तुरंत बाद व्यापक स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया. उन्होंने कहा कि हैदराबाद से विशेष रेस्क्यू टीम भी जबलपुर पहुंच रही है, जिनके पास रात में भी बचाव अभियान चलाने की आधुनिक सुविधाएं हैं.

हादसे की वजह क्या थी?

शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के समय नर्मदा नदी के बैकवाटर में मौसम अचानक खराब हो गया था. तेज हवाएं चलने लगीं और पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि क्रूज पहले ही अस्थिर हो चुका था. इसके बावजूद चालक ने उसे तत्काल किनारे नहीं लगाया. अब प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.

इस हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या क्रूज पर यात्रियों की संख्या तय सीमा से अधिक थी? क्या सभी सुरक्षा उपकरण मौजूद थे? क्या मौसम खराब होने के बावजूद क्रूज को रवाना किया गया? इस क्रूज पर सवार दिल्ली के प्रदीप कुमार के आरोप इन सवालों को और गंभीर बना देते हैं. प्रदीप की पत्नी और मासूम बेटा अब भी लापता हैं.

बरगी डैम की लहरों में डूबे इस क्रूज ने सिर्फ एक नाव नहीं डुबोई, बल्कि कई परिवारों की खुशियां भी अपने साथ बहा दीं. अब पूरा देश उन लापता लोगों के लिए प्रार्थना कर रहा है, जिनकी तलाश अभी जारी है.

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