मध्य प्रदेश के शाजापुर में मृत कर्मचारी के फंड को अपनी पत्नी के खाते में जमा करने वाले बाबू को निलंबित कर दिया गया है. वहीं, दूसरे विभाग के बाबू से 8 लाख रुपए वसूल लिए गए हैं. Aajtak की खबर के बाद हरकत में आए जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई की है.
दरअसल, पशु विभाग के बाबू ने 70 लाख से अधिक की राशि फर्जीवाड़े के तहत निकलकर अपनी पत्नी के खाते में जमा कर ली थी. साथ ही शिक्षा विभाग के बाबू ने भी कर्मचारी की बीमा राशि एरियर फंड को निकलकर अपने खाते में जमा कर लिया था. इस मामले में डीएम किशोर कन्याल ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए थे.
शिक्षा विभाग के बाबू राधेश्याम से 8 लाख रुपए की वसूली कर सरकारी खजाने में जमा कर दी गए. वहीं, पशु विभाग के बाबू महेश मालवीय को निलंबित कर दिया है. दोनों बाबू के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है.
कैसे करते थे बाबू फर्जीवाड़ा?
पशु विभाग और शिक्षा विभाग में पदस्थ बाबू DDO के लॉगिन से खाता नंबर बदल देते थे. इसके बाद मृत कर्मचारी की बीमा राशि, रिफंड बिल, एरियर अन्य मदों में मिलने वाली राशि को अपने खाते में जमा कर लेते थे. दोनों विभाग के बाबू साल 2019 से अलग-अलग कर्मचारी के लिए मिलने वाले फंड को खुद के खाते में जमा कर रहे थे.
इस मामले में डीएम किशोर कन्याल ने कहा, पशु विभाग के बाबू महेश मालवीय को निलंबित कर दिया है. साथ ही शिक्षा विभाग के बाबू से रुपए वसूल कर लिए हैं. दोनों के खिलाफ जांच के बाद एफआईआर की तैयारी की जा रही है.
पढ़ें पूरी खबर:- मृत कर्मचारी के फंड को अपनी पत्नी के खाते में भेजता था दफ्तर का बाबू, 4 साल तक चलता रहा घोटाला