scorecardresearch
 

ट्रेन में विंडो सीट पर बैठे-बैठे युवक की मौत, 300 KM तक किसी यात्री को नहीं चला पता

मध्य प्रदेश में यात्रा के दौरान ही ट्रेन की सीट पर एक व्यक्ति की मौत हो गई और वहां मौजूद अन्य लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी. जनरल बोगी के सिंगल विंडो सीट पर बैठे युवक की ठंड लगने से जान चली गई. लोगों को सीट पर उसके शव के पड़े होने का एहसास तब हुआ जब ट्रेन 303 किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी थी.

Advertisement
X
ठंड लगने से ट्रेन में यात्री की मौत
ठंड लगने से ट्रेन में यात्री की मौत

मध्य प्रदेश में ट्रेन की जनरल बोगी में यात्रा करते हुए एक शख्स की ठंड लगने से मौत हो गई और ट्रेन में मौजूद यात्रियों को काफी देर तक इसकी भनक तक नहीं लगी. मामला कामायनी एक्सप्रेस का है जिसमें सिंगल विंडो सीट पर बैठकर युवक यात्रा कर रहा था.

बैतूल का रहने वाला ये यात्री जनरल बोगी के सिंगल विंडो सीट पर बैठा हुआ था. इसी दौरान ठंड लगने की वजह से युवक की सीट पर बैठे-बैठे मौत हो गई लेकिन पास बैठे यात्रियों को इसकी भनक तक नहीं लगी. लोगों को लगा कि वो सीट पर बैठे-बैठे सो रहा है. 

इस दौरान ट्रेन ने करीब 303 किलोमीटर की दूरी तय कर ली और युवक का शव वैसे ही सीट पर पड़ा रहा. जब ट्रेन इटारसी से दमोह पहुंच गई तो लोगों को कुछ संदेह हुआ क्योंकि युवक के शरीर में कोई हलचल नहीं हो रही थी लेकिन उसके कान में ईयर फोन लगा हुआ था. 

काफी समय बाद जब उस बोगी में मौजूद यात्रियों को मौत की जानकारी हुई तो उन्होंने रेलवे के कंट्रोल रूप में फोनकर इसकी सूचना दी. उसके बाद सोमवार को सुबह 9 बजे ट्रेन के दमोह स्टेशन पर पहुंचने के बाद युवक के शव को ट्रेन से उतारा गया. 

Advertisement

युवक के पास जो टिकट मिला है उससे पता चला है कि वो बैतूल तक का था. उसने इटारसी से बैतूल के लिए ट्रेन पकड़ी थी लेकिन घर पहुंचने से पहले ट्रेन में यात्रा करने के दौरान ही उसकी मौत हो गई. डॉक्टरों ने जांच करने के बाद बताया कि मौत ठंड की वजह से अटैक आने के कारण हुई है.

इसके बाद जीआरपी ने उसके पास मिले मोबाइल नंबर पर फोन कर परिजनों को मौत की जानकारी दी जिसके बाद घर के लोग शाम तक दमोह पहुंचे और शव को अपने साथ ले गए. 

परिजनों ने बताया की युवक एसी कंपनी में काम करता था और उसी सिलसिले में छनेरा गया था. ट्रेन में यात्रा के दौरान उसने परिजनों से बात भी की है. अचानक से उसकी मौत होने के बाद परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.


 

---- समाप्त ----

Advertisement
Advertisement