scorecardresearch
 
Advertisement

'मयखाने को मयखाना तो कहती है दुनिया, उन झील सी आंखों को भी मयखाना कहा जाए'

'मयखाने को मयखाना तो कहती है दुनिया, उन झील सी आंखों को भी मयखाना कहा जाए'

साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2019' के मंच से तीसरे दिन मशहूर शायर नवाज़ देवबंदी ने भी महफिल जमाई. देखें वीडियो.

Advertisement
Advertisement