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साहित्य आजतक 2019: लड़कियों के ख्वाब लड़कों से अलग कैसे होते हैं?

साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ साहित्य आजतक 2019 के मंच के तीसरे दिन लड़कियों के ख्वाब विषय पर आयोजित गोष्ठी में शामिल तीनों महिला लेखकों ने स्वीकार किया कि लड़कियों को ख्वाब देखने के ज्यादा मौके तो नहीं मिलते हैं. प्रोफेसर सविता सिंह, प्रोफेसर इरा टाक और प्रोफेसर आकांक्षा पारे काशीव से जानें लड़कियों के ख्वाबों के बारे में.

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