पीरियड्स एक नेचुरल प्रक्रिया है बावजूद इसके हम आज भी सार्वजनिक रूप से इस पर बात करने से परहेज करते हैं. पीरियड्स को लेकर ऐसे कई मिथ हैं जो सालों से चले आ रहे हैं. इसमें से कई ऐसे मिथ भी हैं जिनकी वजह से हमारी बेटियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
ऐसे में ये एक मां की जिम्मेदारी हो जाती है कि वो अपनी बेटी को इन परेशानियों से दूर रखे और इस बेहद सामान्य सी प्रक्रिया पर खुलकर उसे समझाए. कि आप अपनी बेटी को पीरियड्स के बारे में कैसे बताएंगी तो ये टिप्स आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं:
1. टीवी और विज्ञापन के माध्यम से
अगर आप और आपकी बेटी साथ बैठकर टीवी देख रहे हैं और सैनेटरी नैपकीन का विज्ञापन आ जाए तो उसे नजरअंदाज करने से बेहतर होगा कि आप उसे पूरा देखें. तो उसे सही तरीके से समझाएं. इसी तरह पेपर में भी कई बार विज्ञापन छपकर आते हैं. पेपर छिपाने के बजाय अपनी बेटी को सेनेटरी नैपकीन की जरूरत और इस नेचुरल प्रक्रिया के बारे में विस्तार से लेकिन संतुलित भाषा में बताएं.
2. अगर बेटी हिचक रही हो तो आप आगे बढ़े
इससे पहले की आपकी बेटी को इस नेचुरल प्रक्रिया के बारे में कहीं और से कुछ पता चले आप उसे पहले से ही इस बारे में थोड़ी-थोड़ी जानकारी देते रहिए. ऐसा करने से वो किसी गलत सोच में नहीं फंसेगी और साथ ही जब वो खुद इस दौर में होगी तो वो इस परिस्थिति को बेहतर तरीके से हैंडल कर पाएगी.
3. बच्ची को पूरी सच्चाई बताएं
आपकी बच्ची बड़ी हो रही है और वो खुद भी अपने शरीर में तमाम तरह के बदलाव महसूस कर रही होगी. ऐसे में पीरियड्स के बारे में उससे झूठ बोलना गलत होगा. उसे पीरियड्स के बारे में सारी बातें सच-सच बता दें. उसे ये समझाने की कोशिश करें कि ये एक नेचुरल प्रक्रिया है जिससे हर महिला गुजरती है. उसे नैपकीन इस्तेमाल करने, डिस्पोज करने और साफ-सफाई से जुड़ी वो सारी बातें बताइए जो उसके लिए जरूरी हैं.