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बेहद स्टाइलिश है ये लेडी पायलट, कर्ज लेकर पिता ने कराई थी बेटी की ट्रेनिंग, अब हैं फ्लाइट कैप्टन

कैप्टन शिवानी कालरा (Captain Shivani Kalra) इंडिया की काफी फेमस फ्लाइट कैप्टन हैं. पायलट शिवानी कालरा ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा में शामिल एयर इंडिया की अकेली महिला पायलट थीं. कैप्टन शिवानी कालरा के स्ट्रगल, करियर, फैशन और लाइफ स्टाइल के बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

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(Image credit: Instagram/shivani kalra) (Image credit: Instagram/shivani kalra)

स्कूल की एक लड़की ने बचपन में एक खाली पेज पर कुछ लाइनें खींची थीं. उन लाइनों में लड़की ने अपने आपको आसमान में उड़ते हुए दिखाया था. वह चाहती थी कि जब वह बड़ी हो तो आसमान की सैर करे, बादलों को पास से देखे. अब जब वह बड़ी हुई तो उसे क्या पता था कि बचपन में लिखी वो लाइनें सच हो जाएंगी. हम जिस बच्ची की बात कर रहे हैं, उस लड़की ने बड़े होकर अपने सपने को पूरा कर लिया है और वह अभी एयर इंडिया में पायलट हैं. इन लेडी पायलट का नाम है 'कैप्टन शिवानी कालरा' (Captain Shivani Kalra)

रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया गया था, उसमें शिवानी कालरा अकेली महिला पायलट थीं जो 249 भारतीय छात्रों को सुरक्षित भारत लेकर आई थीं. लायसेंस मिलने के बाद जॉब ना मिलने के कारण कैप्टन शिवानी लगातार आठ सालों तक छोटे-छोटे इवेंट्स में काम करती रहीं और ट्रेनिंग के लिए लिया गया लोन चुकाती रहीं. Aajtak.in से बात करते हुए कैप्टन शिवानी ने अपनी स्ट्रगल और लाइफ के बारे में काफी बातें शेयर की. वह अपनी जॉब के साथ-साथ पर्सनल लाइफ में स्टाइल और फैशन के लिए भी काफी फेमस हैं. हर किसी को कैप्टन शिवानी की लाइफ स्टोरी से मोटिवेशन लेना चाहिए. 

शिवानी का स्ट्रगल

Image Credit : Instagram/shivanikalra)

Aajtak.in से बात करते हुए कैप्टन शिवानी ने बताया “मैं दिल्ली की रहने वाली हूं और पंजाबी फैमिली से आती हूं. अन्य लोगों की तरह मैंने अपनी अपनी 12th क्लास पास की और करियर के लिए घरवालों की सलाह ली. मैं उस समय लोकल टीवी न्यूज चैनल के लिए न्यूज रीडिंग करती थी. मैं कुछ अलग करना चाहती थी इसलिए मैंने कॉमन फील्ड में जाने का मन नहीं बनाया. पापा ने मुझे दो ऑप्शंस बताए. या तो मैं मीडिया इंडस्ट्री में जा सकती थी या फिर बचपन का सपना (पायलट बनना) पूरा कर सकती थी. काफी सोचने के बाद मैंने अपने पैरेन्ट्स से बात की और उन्हें बताया कि मैं पायलट ही बनना चाहती हूं. उन्होंने बिना किसी शर्त के मेरे सपने को पूरा करने के लिए हामी भर दी.”
 
कैप्टन शिवानी ने आगे कहा, “मां स्कूल टीचर थीं और पिताजी जनरल मैनेजर. पायलट बनने का मतलब था कि हमें बहुत सारे पैसों की जरूरत थी. जब पायलट की ट्रेनिंग और लायसेंस के बारे में पता किया तो फीस काफी अधिक थी. मेरे पिताजी ने अपनी सेविंग के साथ मेरी पढ़ाई के लिए करीब 30-35 लाख का लोन भी लिया ताकि मैं अपने सपनों को सच कर सकूं. इसके बाद मेरी ट्रेनिंग शुरू हुई. मैं लायसेंस लेने के लिए काफी उत्साहित थी क्योंकि मैं ऑफिशिअली प्लेन उड़ाने की हकदार हो जाती. लेकिन लायसेंस मिलने के बाद मेरी लाइफ का सबसे बुरा समय तब आया जब दुनिया भर में एविएशन इंडस्ट्री के लोगों की जॉब जाने लगी. इस कारण से मुझे भी नौकरी नहीं मिली. घर वालों को चिंता खाने लगी कि अब हम लोन को कैसे चुकाएंगे?

कैप्टन शिवानी आगे बताती हैं, “यह समय मेरे लिए काफी चैलेंजिंग था क्योंकि एक तरफ इतनी बड़ी रकम लोन लिया था और मेरी जॉब भी नहीं थी. जब पायलट की जॉब नहीं मिली तो मैंने छोटे-छोटे इवेंट्स में जाना शुरू किया, कई छोटे-मोटे काम किए ताकि मैं पैसे जोड़ सकूं और लोन का बोझ कम कर सकूं. कई बार तो ऐसा हुआ कि मुझे एक हजार रुपये के लिए 10-12 घंटे भी ईवेंट में खड़ा रहना पड़ा. मैंने लायसेंस के बाद भी करीब आठ साल तक संघर्ष किया और हार नहीं मानी. आखिरकार वह दिन आ गया जब एयर इंडिया ने पायलट की वैकेंसी निकाली. मैंने 2016 में एयर इंडिया का एग्जाम और इंटरव्यू क्लियर किया और 2 साल की ट्रेनिंग के बाद 2018 में पायलट के रूप में एयर इंडिया में शामिल हुई. जब रिजल्ट आया था तो मेरा नाम लड़कियों की लिस्ट में सबसे ऊपर था. मैंने जब पापा को इस बारे में बताया तो वह पहला दिन था जब वह इतने इमोशनल हुए, मुझे गले लगाया और गोदी में उठाकर सारे घर में घुमाया. 2018 से मैं एयरइंडिया में बतौर पायलट जॉब कर रही हूं.”

रूस-यूक्रेन युद्ध में 249 स्टूडेंट्स को लाईं भारत

महिला कैप्टन शिवानी ने बताया, "ऑपरेशन गंगा का उद्देश्य यूक्रेन के संघर्ष में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाना था. उस दौरान पायलट्स में सिर्फ मैं अकेली महिला पायलट थी. युद्ध के दौरान मेरे सीनियर ऑफिसर का कॉल आया और उन्होंने मुझसे पूछा, 'क्या आप ऑपरेशन गंगा का हिस्सा बनने और यूक्रेन से छात्रों को निकालने के लिए तैयार हैं? मैंने तुरंत जबाव दिया 'हां' 

कैप्टन शिवानी ने आगे कहा, “पैरेन्ट्स चिंतित थे लेकिन उन्होंने मुझे नहीं रोका. जाने से पहले उन्होंने मुझसे केवल यही कहा था 'तुम केवल स्टूडेंट्स को वापस नहीं ला रही हो बल्कि परिवार के लोगों को उनसे मिलाने के लिए जा रही हो. जाओ और सुरक्षित वापस आओ.' उसके बाद मैंने टीम के साथ बुडापेस्ट के लिए उड़ान भरी. हमारी टीम में 15 लोग थे, जिसमें 5 पायलट, 7 केबिन क्रू और 3 इंजीनियर थे. आखिरकार हम वहां पहुंचे जहां काफी सारे स्टूडेंट्स हमारा इंतजार कर रहे थे. हमें देखकर उनके डरे हुए चेहरे मुस्कान में बदल गए. हमने उन्हें प्लेन में बैठाया और हिम्मत दी कि वे सुरक्षित घर पहुंचेंगे. उस दिन हमने 249 भारतीय छात्रों को निकाला. जब हम बुडापेस्ट से दिल्ली वापस आए तो वहां मौजूद हर शख्स ताली बजा रहा था. जब मैं गेट से बाहर आई तो स्टूडेंट्स की फैमिली और अन्य लोगों ने हमें काफी दुआएं दीं जिसे मैं कभी नहीं भूल सकती.”

स्टाइल और फैशन में भी हैं काफी आगे

महिला कैप्टन शिवानी की सोशल मीडिया पर काफी फैन फॉलोइंग है. उनके इंस्टाग्राम पर करीब 6 लाख फॉलोवर्स हैं. कैप्टन शिवानी इंस्टाग्राम पर फैशन और ब्यूटी कंटेट के लिए काफी फेमस हैं. कैप्टन शिवानी से जब उनकी स्टाइल और फैशन सेंस के बारे में जाना तो उन्होंने कहा, "अगर प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो मुझे यूनिफॉर्म काफी अट्रैक्टिव लगती थीं इसलिए मैं ऐसी जॉब में जाना चाहती थी जहां मुझे यूनिफॉर्म पहनने का मौका मिले. अगर पर्सनल लाइफ की बात करें तो मुझे स्टाइलिश और मॉडर्न ड्रेस पहनना काफी पसंद है. मेरी कोई डिजाइनर नहीं है और ना ही कोई स्टाइलिश है. हां, यह कह सकते हैं कि मुझमें थोड़ी फैशन को लेकर समझ है इसलिए हर ड्रेस मेरे ऊपर अच्छी दिखती है. कलर कॉम्बिनेशन, एसेसरीज, जूलरी आदि को मैच करके पहनती हूं, जिससे लुक अच्छा उभरकर सामने आता है.

फिटनेस का ऐसे रखती हैं ख्याल

महिला कैप्टन शिवानी ने बताया, "मेरी जॉब में फिटनेस काफी अहम रोल होता है. भले ही घर में या पर्सनल में कितनी भी प्रॉब्लम्स चल रही हों लेकिन आपको फ्री माइंड से ही ड्यूटी पर जाना होता है. कई बार कनेक्टिंग फ्लाइट के कारण मुझे जिम जाने का समय नहीं मिल पाता लेकिन फिर भी टाइम मैनेज करना होता है. हम लोगों का हर साल मेडिकल टेस्ट होता है जिसमें फिजिकल फिटनेस काफी अहम होती है. मैं काफी फिटनेस फ्रीक हूं और जिम जाती हूं. लेकिन पिछले कुछ समय से मैं जिम नहीं जा पा रही हूं तो घर पर ही बॉडी वेट वर्कआउट और योग करती हूं. इसके अलावा मैं अपनी डाइट का खास ख्याल रखती हूं. डाइट में हमेशा हेल्दी फूड्स को शामिल करती हूं. सलाद विशेष रूप से मेरी डाइट में रहता ही है. इसके अलावा प्रोटीन फूड भी लेती हूं. जंक और प्रोसेस्ड फूड से दूर रहने की कोशिश करती हूं.”

तो ये थीं कैप्टन शिवानी कालरा, जिनकी स्ट्रगल जर्नी काफी इंटरेस्टिंग रही. जो लोग पढ़ाई के बाद नौकरी ना मिलने से हताश हो जाते हैं, उन्हें कैप्टन शिवानी से मोटिवेशन लेना चाहिए.
 

 

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