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Kedarnath trip in Dussehra: दशहरे की छुट्टियों में घूम आएं केदारनाथ, जानें सस्ता और आसान बस रूट

Kedarnath yatra: केदारनाथ श्रद्धालुओं के लिए हर साल अप्रैल-मई में खोला जाता है और अक्टूबर-नंवबर में इसके कपाट बंद कर दिए जाते हैं. काम-काज के चलते कुछ लोगों के लिए केदारनाथ यात्रा संभव नहीं हो पाती है, लेकिन इस साल दशहरे पर छुट्टियों का ऐसा संयोग बन रहा है कि आप बड़े आराम से बाबा धाम दर्शन के लिए जा सकते हैं.

Photo Credit: Uttarakhand Tourism Photo Credit: Uttarakhand Tourism
स्टोरी हाइलाइट्स
  • केदारनाथ के कपाट अक्टूबर-नंवबर में बंद हो जाते हैं
  • दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोग जा सकते हैं केदारनाथ

Kedarnath Yatra October 2021: उत्तराखंड स्थित केदारनाथ भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र स्थल है जो चार धाम में गिना जाता है. केदारनाथ श्रद्धालुओं के लिए हर साल अप्रैल-मई में खोला जाता है और अक्टूबर-नंवबर में इसके कपाट बंद कर दिए जाते हैं. काम-काज के चलते कुछ लोगों के लिए केदारनाथ यात्रा संभव नहीं हो पाती है, लेकिन इस साल दशहरे पर छुट्टियों का ऐसा संयोग बन रहा है कि आप बड़े आराम से बाबा धाम दर्शन के लिए जा सकते हैं.

दशहरे पर छह दिन की छुट्टी! (Dussehra Holidays)
इस बार 14 अक्टूबर को राम नवमी और 15 को विजय दशमी की छुट्टी है. इसके बाद 16 अक्टूबर को शनिवार और 17 को रविवार है. फिर 19 अक्टूबर को ईद-ए-मिलाद की छुट्टी पड़ेगी. इस बीच अगर आप ऑफिस से 18 अक्टूबर की छुट्टी ले सकें तो 6 दिन की छुट्टियों में केदारनाथ घूमने के लिए जा सकते हैं. अगर आप दो छुट्टियां अरेंज कर सकें तो पूरे एक हफ्ते घूमने का प्लान बनाया जा सकता है. आइए अब आपको बताते हैं कि 6 दिन में केदारनाथ यात्रा कैसे संभव है.

छह दिन में कैसे घूमें केदारनाथ? (Kedarnath Tour Plan)
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोग छह दिन की इन छुट्टियों में बड़े आराम से केदारनाथ के दर्शन करके आ सकते हैं. आप बस सर्विस के जरिए केदारनाथ पहुंच सकते हैं और इसके लिए आपको बहुत ज्यादा रुपए भी नहीं खर्च करने पड़ेंगे. लेकिन केदारनाथ रवाना होने की तैयारी आपको आज से ही करनी पडे़गी.

Photo: Getty Images

बस रूट से पहुंचें केदारनाथ (Kedarnath Bus Route)
दिल्ली से केदारनाथ जाने के लिए आपको सबसे पहले कश्मीरी गेट अंतर्राज्यीय बस अड्डे से बस लेकर हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचना होगा. इसका किराया करीब साढ़े 300 रुपए है. दिल्ली से ऋषिकेश के लिए कई प्राइवेट बसें भी चलती हैं लेकिन इनका किराया थोड़ा ज्यादा हो सकता है. दिल्ली से हरिद्वार की दूरी करीब 206 किलोमीटर है और ऋषिकेश पहुंचने के लिए आपको 24 किलोमीटर आगे जाना होगा.

ऋषिकेश पहुंचने के बाद आपको सोनप्रयाग तक पहुंचना होगा. इसके लिए आपको ऋषिकेश से बिल्कुल सुबह ही बस पकड़नी होगी. शाम तक आप सोनप्रयाग पहुंच जाएंगे जहां से आपको गौरीकुंड के लिए शेयरिंग टैक्सी का सस्ता विकल्प (20 रुपये) मिल जाएगा. गौरीकुंड ही केदारनाथ का निकटतम स्थल है. मोटर-गाड़ी के जरिए आप सिर्फ गौरीकुंड तक ही पहुंच सकते हैं. इसके बाद आपको पदयात्रा करके ही केदारनाथ बाबा के धाम पहुंचना होगा. गौरीकुंड से केदारनाथ का यह ट्रेक करीब 16-18 किलोमीटर लंबा है. 18 किमी का ट्रेक आप कितने घंटे में पूरा कर पाते हैं, ये आपकी फिटनेस और स्पीड पर निर्भर करता है. हालांकि, ट्रेक का रास्ता बहुत सीधा है और आप खुद बिना किसी गाइड के ये यात्रा कर सकते हैं. अगर आपकी चलने की स्पीड और फिटनेस अच्छी है तो 6.30-7 घंटे में केदारनाथ मंदिर तक का ट्रेक पूरा कर सकते हैं. लौटते वक्त भी आपको यही ट्रेक और रूट फॉलो करना होगा.

रेल रूट से कैसे जाएं केदारनाथ? (Kedarnath Rail Route)
केदारनाथ जाने वालों के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार है जो कि NH58 पर केदारनाथ से करीब 216 किलोमीटर पहले पड़ेगा. इसके बाद आपको शेयर कैब, टैक्सी या बस लेकर गौरीकुंड पहुंचना पड़ेगा. गौरीकुंड से 18 घंटे की पैदल यात्रा कर आप केदारनाथ पहुंच सकते हैं.

Photo: Getty Images

हेलीकॉप्टर की भी ले सकते हैं मदद (Kedarnath Helicopter Service)
वैसे तो ज्यादातर यात्री पैदल यात्रा करके ही केदारनाथ धाम पहुंचते हैं, लेकिन आप चाहें तो ट्रेकिंग की बजाय हेलीकॉप्टर के जरिए भी पहुंच सकते हैं. यह सुविधा गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा जैसे कई हेलीपैड पर उपलब्ध है. यहां पवन हंस, पिनैकल एयर, आर्यन एविएशन और हिमालयन एयर सर्विस जैसी कई कंपनियां हेलीकॉप्टर राइड की सुविधाएं देती हैं, जिनका वन-वे किराया करीब 2,300 रुपए होता है और राउंड ट्रिप के लिए करीब 4,700 रुपए खर्च करने पड़ेंगे.

ई-पास लाने की नहीं जरूरत (Kedarnath E-Pass)
उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब चार धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट से ई-पास लेने की जरूरत नहीं है. श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या की बाध्यता भी खत्म हो चुकी है. हालांकि यात्रियों को कोविड गाइडलाइन्स का पालन करना होगा और smartcitydehradun.uk.gov.in पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा.

केदारनाथ जाने का सही समय (Best time to visit Kedarnath)
अप्रैल में यात्रा शुरू होने के बाद मॉनसून से पहले और मॉनसून खत्म होने के बाद यात्रा समापन तक केदारनाथ जाने के लिए आदर्श समय माना जाता है. केदारनाथ का मौसम लगभग पूरे साल ठंडा रहता है और यहां जाने के लिए मई, जून, सितंबर, अक्टूबर सबसे सही समय माना जाता है.

क्यों खास है केदारनाथ? (What to do in Kedarnath)
केदारनाथ भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र तीर्थ स्थल है. यहां भगवान शिव का मंदिर गिरीराज हिमालय की केदार नाम की चोटी पर स्थित है जो कि उत्तराखंड का सबसे विशाल शिव मंदिर है. केदारनाथ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है. ये जगह हिंदू धर्म की पौराणिक मान्याताओं की वजह से आकर्षण का मुख्य केंद्र है.

 

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