यूं तो नोटबंदी से दिल्ली का हर तबका प्रभावित रहा लेकिन नोटबंदी का एक बड़ा असर उन लोगों पर हुआ है जो इस देश में रहते ही नहीं है. हम बात कर रहे हैं उन विदेशी सैलानियों की जो नोटबंदी के बाद से ही दिल्ली में ना के बराबर आ रहे हैं.
दिल्ली के पहाडगंज इलाके में इस सीजन में जहां कमरे खाली नहीं मिलते थे वहां इस बार होटल व्यवसायी सैलानियों के इंतजार में बैठे हैं. यहां होटल चलाने वाले सौरभ छाबड़ा की मानें तो के मन में इस बात का डर है कि क्या उन्हें भारत में घूमने, ठहरने या खाने से पहले कहीं एटीएम या बैंक की लाइन में तो नहीं लगना पड़ेगा.
सौरभ के मुताबिक कई विदेशी सैलानियों ने जो बुकिंग दिसंबर की करवाई थी उसे भी कैंसिल कर दिया. सौरभ के मुताबिक देसी सैलानियों के कारण थोड़ी राहत है लेकिन विदेशी सैलानियों का ये डर जब तक पूरी तरह दूर नहीं होगा पहाडगंज की रौनक अधूरी रहेगी.