प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं जिनमें एक बदलाव है पेट पर गहरी लाइन का उभरना जिसे लिनिया नाइग्रा कहते हैं. यह लाइन वर्टिकल होती है जो आमतौर पर नाभि से लेकर प्यूबिक एरिया तक फैली होती है. यह अक्सर दूसरी तिमाही यानी पांचवें महीने के आसपास ज्यादा गहरी और साफ दिखने लगती है. लिनिया नाइग्रा हार्मोन में बढ़ोतरी के कारण होती है और बच्चे के जन्म के बाद यह हल्की पड़ जाती है.
लिनिया नाइग्रा कब होती है?
वैसे तो हर किसी के शरीर में पेट पर एक रेखा मौजूद होती है जिसे लिनिया एल्बा (Linea Alba) कहते हैं. लैटिन में इसका अर्थ है सफेद लाइन क्योंकि यह आमतौर पर सफेद रंग की होती है. वहीं, लिनिया नाइग्रा (Linea Nigra) का मतलब है काली लाइन. यह गर्भावस्था के दौरान दिखाई देती है. यह गहरे भूरे या काले रंग की होती है.
हार्मोनल बदलावों के कारण गर्भावस्था में यह लाइन गहरी हो जाती है जिसे लिनिया नाइग्रा कहते हैं. आसान भाषा में कहें तो प्रेग्नेंसी से पहले इस लाइन को लिनिया एल्बा या सफेद लाइन कहा जाता है.
लिनिया नाइग्रा कब गायब होती है?
प्रेग्नेंसी के बाद जब आपके हार्मोन का लेवल नॉर्मल हो जाता है तो लिनिया नाइग्रा हल्की पड़ जाती है. यह कई हफ्तों या महीनों में धीरे-धीरे हल्की होती है. कुछ मामलों में यह पूरी तरह से गायब नहीं होती या इसे गायब होने में बहुत ज्यादा समय लगता है.
क्या सभी में लिनिया नाइग्रा दिखती है?
लगभग 80% प्रेग्नेंट महिलाओं को लिनिया नाइग्रा उभरती है लेकिन यह आपकी स्किन के रंग के आधार पर कम या ज्यादा दिखाई दे सकती है. गोरे रंग वालों की तुलना में गहरे रंग वालों में लिनिया नाइग्रा ज्यादा साफ दिखाई देती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि गहरे रंग वाले लोगों की स्किन में हल्के रंग वालों की तुलना में ज्यादा पिगमेंटेशन होता है.
इसका क्या काम होता है
वास्तव में अभी तक कोई भी निश्चित रूप से नहीं जानता कि लिनिया नाइग्रा किस काम आती है. कुछ लोगों का मानना है कि गहरा रंग नवजात शिशु को स्तनपान कराने के लिए स्तनों तक पहुंचने में मदद करता है. लिनिया नाइग्रा के बारे में और भी कई पुरानी बातें हैं जो आपने सुनी होंगी, लेकिन उनमें से कोई भी साबित नहीं हुई है.
प्रेग्नेंसी के दौरान लिनिया नाइग्रा क्यों दिखाई देती है?
प्रेग्नेंसी के दौरान महिला के शरीर में हार्मोन के ज्यादा लेवल के कारण लिनिया नाइग्रा स्वाभाविक रूप से दिखाई देती है. इसका सटीक कारण पता नहीं है लेकिन ज्यादातर एक्पर्ट्स का मानना है कि प्लेसेंटा द्वारा बनाया गया मेलानोसाइट-स्टिम्युलेटिंग हार्मोन प्रेग्नेंसी के दौरान मेलेनिन को बढ़ाता है. चूंकि मेलेनिन ही आपकी स्किन को उसका रंग देने के लिए जिम्मेदार होता है. इसलिए मेलेनिन में इस बढ़ोतरी के कारण प्रेग्नेंसी के दौरान आपकी स्किन गहरी हो जाती है.