
डायबिटीज की बीमारी आज के समय में लगातार लोगों को अपनी चपेट में ले रही है. IDF डायबिटीज एटलस के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2024 में 20-79 साल की उम्र के लोगों में से करीब 9 करोड़ लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं. कम उम्र को लोगों को भी डायबिटीज की शिकायत हो रही है. मेवाड़ घराने की राजकुमारी पद्मजा कुमारी परमार को भी टाइप 1 डायबिटीज है. इतनी बिजी लाइफ के बावजूद भी उन्होंने इसे काफी अच्छी तरह से मैनेज किया हुआ है.
हाल ही में एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि टाइप 1 डायबिटीज के साथ वह अपनी मेंटल और फिजिकल हेल्थ को कैसे मैनेज करती हैं, तो उन्होंने काफी अच्छी तरह से अपना रूटीन शेयर किया.
बीमारी बनी टीचर
राजकुमारी पद्मजा ने बताया, इतनी कम उम्र से टाइप 1 डायबिटीज के साथ जीना, कई मायनों में, बैलेंस, डिसिप्लिन और सेल्फ-अवेयरनेस ही उनका टीचर रहा है. एक बिजी मां होने के साथ-साथ अलग-अलग टाइम जोन में ट्रैवल करना, बोर्डरूम मीटिंग्स अटेंड करना और सोशल वर्क के बीच तालमेल बिठाना आसान नहीं होता लेकिन इस बीमारी ने उन्हें सिखाया है कि शरीर की जरूरत को कैसे समझा जाता है. अनुशासन में रहकर उन्हें मेंटल और फिजिकल हेल्थ मजबूत करने की ताकत मिली है.

क्या है टाइप 1 डायबिटीज
टाइप 1 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन बनाने की क्षमता खो देता है यानी कि आपका पेंक्रियाज इंसुलिन नहीं बना पाता और मरीजों को रोजाना इंसुलिन लेना पड़ता है ताकि उनका ब्लड शुगर लेवल सामान्य रहे. आमतौर पर यह स्थिति बचपन या मिडिल एज में शुरू होती है लेकिन सही डाइट, एक्सरसाइज और शुगर मॉनिटरिंग से इंसान हेल्दी और एक्टिव लाइफ जी सकता है.
फिजिकल एक्टिव रहती हैं
पपद्मजा जिम में घंटों पसीना बहाने के बजाय शरीर की नैचुरल मूवमेंट पर यकीन रखती हैं. उनका कहना है, 'मूवमेंट मेरे लिए सबसे जरूरी है. मैं बहुत अधिक पैदल चलती हूं. मुझे पिलाटीज काफी पसंद है क्योंकि दोनों मुझे मजबूत और एनर्जेटिक बनाए रखते हैं क्योंकि मैं मीटिंग्स आदि के कारण वर्कआउट नहीं कर पाती लेकिन इन चीजों से मैं एक्टिव बनी रहती हूं.'
छोटे बदलावों से मिला फायदा
पद्मजा कुमारी कहती हैं कि वह अपनी डेली लाइफ में छोटे-छोटे बदलावों से फिट रहने की कोशिश करती हैं. मेरा मानना है कि फिट रहने के लिए इंटेंसिटी से ज्यादा कंसिस्टेंसी जरूरी है.
वह रोजाना खाना खाने के बाद वॉक करती हैं, कोई न कोई स्पोर्ट्स जरूर खेलती हैं या फिर ऑफिस में एक जगह बैठे रहने के बजाय मूवमेंट करना पसंद करती हैं. एक्टिव लाइफस्टाइल ने न केवल उनके ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखती है, बल्कि उन्हें दिनभर की भागदौड़ के लिए जरूरी स्ट्रेंथ भी देती है.