Early Dinner Sleep Myth: आज की हाई स्पीड लाइफ में लोगों के बीच नींद की कमी एक आम समस्या बन चुकी है और देर रात तक मोबाइल स्क्रीन,अनियमित खाने का समय और बढ़ता स्ट्रेस इन सबका असर सीधे हमारी नींद और सेहत पर पड़ता है.आज के दौर में नींद की कमी एक आम समस्या बन चुकी है, ऐसे में इन दिनों हेल्थ एक्सपर्ट्स से लेकर सोशल मीडिया पर जल्दी डिनर करो और चैन की नींद लोवाला फॉर्मूला खूब पॉपुलर हो रहा है.
कई लोग मानते हैं कि अगर शाम को जल्दी खाना खा लिया जाए, तो न सिर्फ नींद बेहतर होती है बल्कि वजन घटाना, मूड सुधारना और एनर्जी लेवल बढ़ाना भी आसान हो जाता है.आम लोग ही नहीं बल्कि बॉलीवुड सेलेब्स भी इस लाइफस्टाइल को बढ़ावा देते हैं.अक्षय कुमार,विराट कोहली और अनुष्का शर्मा जैसे सितारे खुलेआम यह कहते हैं कि वे जल्दी डिनर करते हैं और समय पर सो जाते हैं, जिससे वे फिट और एक्टिव रहते हैं.
लेकिन ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या आम लोगों के लिए भी यही फॉर्मूला उतना ही असरदार है? क्या सिर्फ खाने का समय बदलने से सच में नींद गहरी हो जाती है? इसी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए वैज्ञानिकों ने एक बड़ी स्टडी की, जिसमें खाने के समय और नींद के बीच के रिश्ते को करीब से परखा गया. इस रिसर्च के नतीजे कई लोगों की उम्मीदों के बिल्कुल उलट निकले और जल्दी डिनर बराबर बेहतर नींद वाले दावे को एक नया रियलिटी चेक मिला.
JAMA में पब्लिश हुई स्टडी ने इस दावे को नया रियलिटी चेक दिया है, यह रिसर्च लगभग 200 ओवरवेट और मोटापे से जूझ रहे वयस्कों पर हुई, जिसमें लोगों को तीन तरह के टाइम-रिस्ट्रिक्टेड ईटिंग (TRE) पैटर्न में बांटा गया था.
सभी को मेडिटेरेनियन डाइट पर क्लासेस दी गईं, ताकि फर्क सिर्फ खाने के समय का हो, खाने की क्वालिटी का नहीं.
रिसर्च के समय नींद को सिर्फ सवालों से नहीं, बल्कि कलाई पर पहने जाने वाले सेंसर्स (एक्सेलेरोमीटर) से मापा गया. इस रिसर्च का 12 हफ्तों के बाद नतीजा चौंकाने वाला था. क्योंकि जल्दी डिनर करने वालों की नींद करीबन सिर्फ 10–12 मिनट ही अधिक हुई.
नींद की क्वालिटी, बार-बार जागना, स्लीप एफिशिएंसी सब लगभग एक जैसा रहा. इसके साथ ही मूड, स्ट्रेस, एंग्ज़ायटी और डिप्रेशन स्कोर में भी कोई खास फर्क नहीं देखने को मिला. इस स्टडी का यह नतीजा निकला कि सिर्फ खाने का समय बदलने से नींद अपने आप बेहतर हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं है.
स्टडी के मुताबिक, जल्दी या देर से TRE करने से नींद या मानसिक स्वास्थ्य खराब भी नहीं हुआ. यानी अगर कोई 8 घंटे की ईटिंग विंडो फॉलो करता है, तो यह सेफ है और वेट मैनेजमेंट में मदद कर सकती है, बस इससे स्लीप साईकिल पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है.
हालांकि साइंस कहती है कि सिर्फ टाइमिंग से नींद में सुधार नहीं आता है,मगर बॉलीवुड सेलेब्स डिसिप्लिन्ड स्लीप रूटीन को अपनी फिटनेस और एनर्जी का सीक्रेट मानते हैं.
अक्षय कुमार कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि वह रात 9–9:30 बजे तक सो जाते हैं और सुबह 4 बजे उठते हैं. उनका मानना है कि जल्दी सोना ही उनकी फिटनेस और फोकस का सबसे बड़ा कारण है.
अनुष्का शर्मा-विराट कोहली
अनुष्का शर्मा और विराट कोहली दोनों ही माइंडफुल लाइफस्टाइल फॉलो करते हैं. दोनों ही वीगन डाइट फॉलो करते हैं ओर 7 बजे से पहले डिनर करना और जल्दी सोना उनकी लाइफस्टाइल बन चुका है.
आलिया भट्ट
आलिया ने भी कई बार बताया है कि शूटिंग न हो तो वह रात को जल्दी सोने की कोशिश करती हैं, ताकि अगला दिन एनर्जेटिक रहे.
बस फर्क सिर्फ इतना है कि सेलेब्स के लिए जल्दी सोना सिर्फ डिनर टाइम नहीं, बल्कि वो इसे स्क्रीन डिटॉक्स, स्ट्रेस मैनेजमेंट और रेगुलर रूटीन का कॉम्बिनेशन मानते हैं.
सिर्फ जल्दी डिनर करने से नींद बेहतर हो, ऐसा जरूरी नहीं है. अगर आप अपनी नींद की क्वालिटी में सुधार चाहते हैं तो आपको इन कुछ चीजों का खास ध्यान रखना पड़ेगा.
खाने का समय बदलना नींद का जादुई इलाज नहीं है, लेकिन यह सुरक्षित है और वजन कंट्रोल में मदद कर सकता है. अगर बॉलीवुड सेलेब्स की तरह अच्छी नींद चाहिए, तो सिर्फ जल्दी डिनर नहीं, पूरी लाइफस्टाइल को बैलेंस करना होगा.