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Chaitra Navratri 2026 Diet: फलाहार थाली, व्रत वाली टिक्की-चाट... क्या आप भी ऐसे कर रहे हैं फास्टिंग?

Chaitra Navratri 2026 Diet: अक्सर भूख के कारण लोग फलाहार के नाम पर व्रत में पूरे दिन खाते रहते हैं. लेकिन, नवरात्र के व्रत में कितना खाएं, यह जानना बेहद जरूरी है. क्योंकि फलाहार के नाम पर ज्यादा खाना सेहत पर भारी पड़ सकता है.

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ज्यादा खाना बिगाड़ सकता है व्रत (Photo: ITG)
ज्यादा खाना बिगाड़ सकता है व्रत (Photo: ITG)

Chaitra Navratri 2026: नवरात्र का पर्व सिर्फ पूजा-पाठ और भक्ति का ही नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित करने का भी समय होता है. नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में लोग व्रत रखते हैं जिसमें फलाहार का सेवन किया जाता है. उपवास के फायदे देखकर पश्चिमी देशों में भी लोग अलग-अलग तरीके से फास्टिंग करने लगे हैं. लेकिन, जैसे-जैसे लोगों की लाइफस्टाइल मॉडर्न होती जा रही है, वैसे-वैसे व्रत रखने के तौर-तरीके भी बदलते जा रहे हैं. पहले लोग नवरात्र के व्रत संयम और अनुशासन के साथ रखते थे. लेकिन, अब कई लोग इन 9 दिनों को फास्टिंग के साथ फीस्टिंग का पर्व बना लेते हैं.

आजकल नवरात्र का व्रत एक ट्रेंड बन गया है, जिसमें तरह-तरह की व्रत वाली रेसिपीज बनाई जाती हैं. क्या आपने अपनी दादी-नानी को व्रत में कभी पनीर की सब्जी खाते देखा है? नहीं ना, लेकिन सोशल मीडिया पर इस तरह की कई रेसिपी मौजूद हैं. केवल सोशल मीडिया ने ही नहीं बल्कि मार्केट ने भी फास्टिंग को एक मौका बनाकर तरह-तरह के व्रत वाले फूड उतार दिए हैं. व्रत वाली नमकीन से लेकर व्रत वाली चिप्स, हर तरह का प्रोडक्ट मौजूद है. 

नवरात्र शुरू होते ही रेस्टोरेंट में व्रत स्पेशल आइटम्स की बाढ़ आ जाती है. ऐसे में ये सवाल उठता है कि नवरात्र के व्रत में इस तरह से सबकुछ खाना सही है या गलत, खासकर जब हमारी लाइफस्टाइल पहले से कम एक्टिव हो चुकी है. क्या व्रत का जो मूल नियम था कि शरीर के पाचन तंत्र को सात्विक भोजन के जरिए एक लंबा ब्रेक देना, हम उसे भूल रहे हैं?

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 नवरात्र व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?

आज की तेज और भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में लोग ज्यादातर डेस्क जॉब, कम फिजिकल एक्टिविटी और खराब रूटीन के साथ जी रहे हैं. जिसके चलते लोग व्रत का असली मतलब ही भूल गए हैं. व्रत के दौरान कई बार लोग सामान्य दिनों से भी ज्यादा ओवरइटिंग कर लेते हैं और अनहेल्दी फूड खाते हैं जिसमें फ्राइड फूड, साबूदाना, आलू, ज्यादा मीठा जैसी चीजें शामिल हैं. ये सब चीजें हेल्थ पर बुरा असर तो डालती ही हैं. धीरे धीरे ब्लोटिंग, थकान और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं भी शरीर में होने लगती हैं. 

नवरात्र में क्यों नहीं खाना चाहिए अनाज?

पंडित अरुणेश कुमार शर्मा के मुताबिक, 'नवरात्र व्रत के दौरान मन और शरीर पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी होता है. इसी वजह से व्रत में अन्न यानी गेहूं, चावल जैसे अनाज नहीं खाए जाते हैं, क्योंकि ये शरीर में आलस और नींद लाते हैं. और जब शरीर में आलस ज्यादा आएगा तो ध्यान, पूजा या जाप में मन लगाना मुश्किल हो जाता है. व्रत के दौरान यही कोशिश रखनी चाहिए कि शरीर हल्का रहे और मन शांत रहे ताकि आप अपने संकल्प को सही तरीके से निभा सकें. इसी कारण व्रत में फलाहार लिया जाता है, जिसमें फल जैसी चीजें शामिल होती हैं. ये शरीर को ऊर्जा तो देती ही हैं और इन्हें पचाना भी आसान होता है.'

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पंडित जी बताते हैं कि व्रत में फल खाने से शरीर पूरे दिन एक्टिव रहता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आप ज्यादा मात्रा में खाएं. इसलिए व्रत में एक या दो बार फलाहार खाएं और बीच-बीच में पानी या जूस लेना चाहिए. इससे व्रत भी सही तरीके से पूरा होता है.  

नवरात्र में खाने से जुड़ा अनुशासन है जरूरी

पंडित अरुणेश कुमार शर्मा के मुताबिक, 'अगर आप सच में व्रत रख रहे हैं, तो उसे सिर्फ दिखावे के लिए नहीं बल्कि सच्चे मन और भाव से करना जरूरी है. इस दौरान आप किसी और के साथ नहीं, बल्कि खुद के साथ ईमानदारी रख रहे होते हैं. बाहर से भले ही कोई न देखे, लेकिन आपकी भावना और नीयत का महत्व सबसे ज्यादा होता है.'

'अगर सेहत खराब है या भूख कंट्रोल नहीं हो पा रही है, तो व्रत न रखना गलत नहीं है. किसी भी देवी-देवता ने कभी यह नहीं कहा कि व्रत रखना अनिवार्य है. लेकिन जब आप खुद से यह निर्णय लेते हैं, तो उसे पूरी श्रद्धा और सच्चाई के साथ निभाना ही असली भक्ति है. कई बार लोग व्रत रखते हुए भी गलत खान-पान या आदतों की वजह से शारीरिक परेशानी महसूस करने लगते हैं जैसे कमजोरी या थकान. इसलिए जरूरी है कि आप अपनी पूजा और व्रत के प्रति ईमानदार और जागरूक रहें.'

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क्या होता है फलाहार?

पंडित जी के मुताबिक, 'फलाहार का मतलब सिर्फ फल खाना नहीं है, बल्कि ऐसा हल्का भोजन है जो बिना अनाज के बनता है और आसानी से पच जाता है. इसमें फल, कंद-मूल जैसी चीजें शामिल होती हैं, जो शरीर को जल्दी ऊर्जा देती हैं. लेकिन आजकल लोग फलाहार के नाम पर जरूरत से ज्यादा खाते हैं. जिसमें पापड़, आलू या दूसरी चीजें शामिल हैं और फिर वह अन्न जैसा ही शरीर पर असर करती हैं. इसलिए, व्रत में जरूरी है कि कम खाएं ताकि पूरे दिन बॉडी एक्टिव रहे.'

व्रत से शरीर को क्या होता है फायदा?

व्रत रखने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है. जिससे गैस, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है.

व्रत एक तरह का इंटरमिटेंट फास्टिंग जैसा काम करता है, जिसमें शरीर में जमा हुई कैलोरी कम होती है. जिससे वजन भी कंट्रोल में रहता है.  

व्रत के दौरान ब्लड शुगर लेवल भी ठीक रहता है, जिससे शरीर में सुस्ती कम होती है और शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है. 

इसके अलावा, व्रत में प्रोसेस्ड फूड और फ्राइड फूड खाना कम खाने से शरीर को एक तरह का नेचुरल डिटॉक्स मिलता है, जिससे स्किन और ओवरऑल हेल्थ बेहतर रहती है.

नवरात्र में कैसी होनी चाहिए आपकी डाइट?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नवरात्र में अगर आप 9 दिन का व्रत रख रहे हैं तो सिर्फ हल्की और पौष्टिक डाइट लें. इस समय फ्राइड फूड को बिल्कुल ना खाएं. इस हल्की और हेल्दी डाइट में फलों को शामिल करें. फलों को दिन में एक या दो बार करना सबसे सही माना जाता है. सुबह और शाम हल्का फलाहार लें और दिनभर कुछ न कुछ खाने से बचें. 

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फलाहार में सीजनल फ्रूट्स खाएं. इनके अलावा, आप मखाना, बादाम, अखरोट ड्राई फ्रूट्स भी खा सकते हैं.

नवरात्र व्रत में बॉडी को हाइड्रेट करना भी जरूरी होता है क्योंकि व्रत के दौरान शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है. तो ऐसे में ज्यादा से ज्यादा पानी, नारियल पानी या नींबू पानी पी सकते हैं.

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