टीवी और फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग के जरिए लोगों के दिलों में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस मोना सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. पर्दे पर फिल्म 'बॉर्डर 2' एक बार फिर छोटे मगर खास रोल में लौटी मोना अपने अभिनय के लिए लोगों की तारीफें लूट रही हैं. इसके साथ ही चर्चा उनके द्वारा निजी जीवन के एक खास फैसले के बारे में भी हो रही है.
मोना सिंह ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि एक समय ऐसा भी आया था जब उन्होंने थोड़े समय के लिए एक्टिंग से दूरी बनाने का फैसला किया था. इसके पीछे की वजह बहुत ही पर्सनल थी, लेकिन इस ब्रेक ने उन्हें अपनी मर्जी से और बिना किसी टेंशन के शादी करने की आजादी भी दी. दरअसल, आजकल 28-30 की उम्र होते ही महिलाओं पर शादी का दवाब बनाया जाता है. उनसे कहा जाता है कि अगर सही उम्र में शादी नहीं कि तो बच्चे होने में दिक्कत होगी.
इसी दवाब से छुटकारा पाने के लिए मोना सिंह ने एक्टिंग से ब्रेक लेकर 34 साल की उम्र में अपने एग्स फ्रीज करवाए थे. उन्होंने ना केवल खुद एग्स फ्रीज करवाए बल्कि अन्य महिलाओं को भी सलाह दी कि अगर देर से शादी करनी है तो ये फैसला आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. इसके साथ ही उन्होंने इंटरव्यू में एग्स फ्रीज कराने के प्रोसेस के बारे में भी बताया.
डॉक्टर की सलाह ने मोना को सोचने पर किया मजबूर
मोना सिंह ने इंटरव्यू में बताया कि एक बार उनके फैमिली गायनेकोलॉजिस्ट अपनी वाइफ के साथ उनके घर डिनर के लिए आए थे. उस दौरान गायनेकोलॉजिस्ट ने मोना और उनके पेरेंट्स से बात की. उन्होंने मोना को सजेशन दिया कि अगर अगले 5 साल तक शादी का प्लान नहीं है, तो उनके लिए अपने एग्स फ्रीज कराना एक सही फैसला होगा. डॉक्टर ने साफ कहा था कि इस तरह वह फ्यूचर में अपने बच्चे चाहने की इच्छा के लिए पूरी तरह तैयार रह सकती हैं. मोना ने कहा, 'यह बहुत सेंस वाली बात थी और मैं इस सजेशन से पूरी तरह सहमत थी.'
एग्स फ्रीज कराने में लगा समय और मेहनत
एग फ्रीजिंग की प्रोसेस के बारे में मोना ने खुलकर बताया. इसके साथ ही उन्होंने ये भी खुलासा किया कि आखिर इस प्रोसेस का उनकी बॉडी पर क्या असर पड़ा, बॉडी ने कैसे रिएक्ट किया. उन्होंने कहा कि उनके डॉक्टर ने उन्हें हर स्टेप के बारे में बहुत ही खुलकर समझाया था, ताकि वे पूरी तरह तैयार और समझदारी से ये फैसला ले सकें.
मोना सिंह ने बताया कि एग फ्रीज करने का प्रोसेस लगभग 3 से 6 महीने तक चलता है. उन्होंने कहा कि इस दौरान कभी-कभी थोड़ा दर्द महसूस हो सकता है क्योंकि शरीर में कई तरह के हॉर्मोंस इंजेक्ट किए जाते हैं, जिसकी वजह से बहुत से अंदरूनी बदलावों से गुजरना पड़ता है. एक्ट्रेस ने रिवील किया कि इस प्रोसेस में ऐसे दिन भी आते हैं जब मूड स्विंग्स हो सकते हैं, ब्लोटिंग जैसी परेशानी हो सकती है. इसके साथ ही कभी-कभी खुद को नॉर्मल महसूस नहीं होता है. मोना ने साफ कहा कि ये सफर आसान नहीं था. कभी दर्द, कभी चिड़चिड़ापन सब कुछ झेलना पड़ा. लेकिन जब पूरा प्रोसेस खत्म हुआ, तो उन्हें ऐसा लगा जैसे उन्होंने कोई लंबी रेस जीत ली हो.
फ्यूचर को अपने आप प्लान करने की आजादी
मोना ने कहा कि ये सिर्फ कुछ महीने का प्रोसेस होता है और एक बार इसे पूरा कर लेने के बाद आप इसे आसानी से भूल सकते हैं. इस प्रोसेस की मदद से आप अपने भविष्य के फैसलों पर टेंशन लिए बिना आगे बढ़ सकती हैं. मोना ने हंसते हुए कहा, 'कम से कम बच्चे के लिए गलत आदमी से शादी तो नहीं करनी पड़ेगी.'
महिलाओं को मोना की सलाह
आगे मोना सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी मां के साथ सभी टेस्ट कराए और ये प्रोसेस उन्होंने पुणे में पूरी की. उस समय उन्होंने टीवी और काम से थोड़ा ब्रेक लिया था. बस घर पर रहकर ये प्रोसेस 4 महीनों में पूरी कर ली थी. मोना ने ये भी बताया कि उस समय एग फ्रीज करवाना काफी महंगा था, लेकिन उन्होंने इसे करवा ही लिया था. उन्होंने कहा कि उनके लिए ये ऐसा था जैसे कोई मैराथॉन जीत लिया हो. इसलिए मोना का मानना है कि उन महिलाओं को, जो अभी शादी के बारे में नहीं सोच रही हैं, उनके लिए यह अच्छा है कि वे एग फ्रीज करवाने के बारे में जरूर सोचें.
एग फ्रीजिंग क्या होती है?
एग फ्रीजिंग एक मेडिकल प्रोसेस है, जिसमें महिला के ओवरी से अंडों (एग्स) को निकालकर खास तकनीक से फ्रीज किया जाता है. इन फ्रीज किए गए एग्स को बाद में, जरूरत पड़ने पर, प्रेग्नेंसी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इस प्रोसेस का मकसद यही होता है कि उम्र बढ़ने के बावजूद महिला के पास मां बनने का ऑप्शन बना रहे.
एग फ्रीजिंग के दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
मोना सिंह के एक्सपीरियंस पर गौर किया जाए तो ये प्रोसेस आसान नहीं होता. एग फ्रीजिंग के दौरान महिलाओं को हार्मोन इंजेक्शन लेने पड़ते हैं, जिनकी वजह से कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
मोना ने माना कि कुछ दिन ऐसे होते हैं जब खुद को बिल्कुल नॉर्मल महसूस नहीं होता, लेकिन सही देखभाल और सपोर्ट से ये सफर पूरा किया जा सकता है.
कौन-सी महिलाएं नहीं करा सकतीं एग फ्रीजिंग?
डॉक्टर्स के मुताबिक, हर महिला के लिए एग फ्रीजिंग सही नहीं होती. कुछ मामलों में ये प्रोसेस मुश्किल या रिस्की हो सकता है. ऐसे में उन्हें एग्स फ्रीज नहीं कराने चाहिए.
ऐसे मामलों में डॉक्टर की पूरी जांच और सलाह जरूरी होती है.
किस उम्र तक महिलाओं को एग्स फ्रीज करा लेने चाहिए?
आज के समय में कई महिलाएं करियर, पढ़ाई या सही पार्टनर के इंतजार में शादी करने का फैसला आगे टालती हैं, जिसकी वजह से मां भी देर से बनती हैं. ऐसी महिलाओं के लिए में एग फ्रीजिंग एक अच्छा ऑप्शन बनकर सामने आया है, जिससे भविष्य में प्रेग्नेंसी की संभावना सुरक्षित रखी जा सकती है.
डॉक्टर्स के अनुसार, एग्स फ्रीज कराने की सबसे सही उम्र 25 से 35 साल के बीच मानी जाती है. इस उम्र में महिलाओं के एग्स की क्वालिटी और संख्या दोनों बेहतर होती हैं, जिससे बाद में प्रेग्नेंसी के चांस बढ़ जाते हैं. 35 साल के बाद महिलाओं की फर्टिलिटी धीरे-धीरे कम होने लगती है. इस उम्र के बाद एग्स फ्रीज तो किए जा सकते हैं, लेकिन एग्स की क्वालिटी पहले जैसी नहीं रहती और सफलता की संभावना कम हो सकती है.