
गर्मियों में हल्का खाना ही हमारी सेहत के लिए अच्छा होता है, क्योंकि इस मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं अधिक अपनी चपेट में लेती हैं. लाइट फूड्स के बारे में सोचते ही सबसे पहले लोगों के दिमाग में साउथ इंडियन फूड ही आता है. सोशल मीडिया पर फूड ट्रिक्स एंड टिप्स बहुत वायरल हो रहे है, जिनको सुनकर कई बार यकीन करना मुश्किल होता है. हाल में इन दिनों में इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें इडली और डोसा के बैटर में पान का पत्ता डालना.चलिए जानते हैं कि आखिर बैटर में पान का पत्ता डालने से क्या असर होता है और लोग इसे क्यों डाल रहे हैं.
सबसे पहले यह समझना जरूर हैं कि पान का पत्ता आखिर करता क्या है. पान के पत्ते में नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण मौजूद होते हैं, जब इसे इडली या डोसा के बैटर में डाला जाता है तो यह फर्मेंटेशन के प्रोसेस को बैलेंस करने में मदद करता है. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में जब बैटर जल्दी खट्टा हो जाता है, ऐसे में पान का पत्ता डालने से यह लंबे समय तक सही रहता है और जल्दी खट्टा नहीं होता है.
कुछ लोग यह भी मानते हैं कि पान का पत्ता डालने से बैटर की खुशबू में हल्की-सी फ्रेशनेस आ जाती है, हालांकि इसका टेस्ट बहुत ज्यादा नहीं बदलता, लेकिन इडली और डोसा थोड़े हल्के और सॉफ्ट बन सकते हैं. खासकर इडली के मामले में पान के पत्ता डालने से टेक्सचर ज्यादा फूला हुआ और स्पंजी हो सकता है.
पान के पत्ते में मौजूद एंजाइम्स बैटर के फर्मेंटेशन को स्मूद बना सकते हैं, जिससे डोसा क्रिस्पी और गोल्डन ब्राउन बनने में मदद मिलती है. हालांकि इस पर अभी कोई साइंटिफिक सर्टिफाइड नतीजे इतने मजबूत नहीं हैं, लेकिन कई घरेलू एक्सपीरियंस इसे सही बताते हैं.
जब आप इडली-डोसा का बैटर पीसकर फर्मेंट होने के लिए रखते हैं, तब उसमें एक साफ धुला हुआ पान का पत्ता डाल दें. ध्यान रखें कि पत्ता ताजा और बिना किसी केमिकल के हो. बैटर के तैयार होने के बाद पत्ते को निकाल दें और फिर नॉर्मल तरीके से इडली या डोसा बनाएं.

इ़़डली और डोसा साउथ इडिया की फेमस डिशेज हैं और इन दोनों का ही टेस्ट लाजवाब होता है. दक्षिण भारत के कई घरों में बैटर में पान का पत्ता डालना पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही एक आदत है. हर घर में इसका इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन जो लोग इसका इस्तेमाल करते हैं, वे अक्सर इसकी बहुत तारीफ करते हैं, खासकर गर्मियों के महीनों में तो यह डालना सबसे अच्छा माना जाता है.