प्रोटीन की जरूरत हर किसी को होती है चाहे वो पुरुष हो या महिला. प्रोटीन शरीर में मसल्स, हड्डियों और त्वचा जैसे टिश्यूज को बनाती है और उन्हें रिपेयर करती है. प्रोटीन को लोग अलग-अलग सोर्स से प्राप्त करते हैं जिसमें वेज और नॉनवेज दोनों शामिल हैं. वहीं फिटनेस फ्रीक लोग प्रोटीन की कमी को पूरी करने के लिए व्हे प्रोटीन लेते हैं. व्हे प्रोटीन के बारे में लोगों के मन में कई ऐसे सवाल होते हैं कि ये कैसे बनता है और कौन लोग इसका सेवन कर सकते हैं. कुछ समय पहले प्रोफेशनल बॉडीबिल्डर यतिंदर सिंह ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि व्हे प्रोटीन कैसे बनता है और इसे कौन-कौन ले सकता है. तो आइए इस बारे में जान लेते हैं...
कैसे बनता है व्हे प्रोटीन
मिस्टर वर्ल्ड, मिस्टर एशिया और मिस्टर इंडिया कई खिताब जीतने वाले बॉडीबिल्डर यतिंदर सिंह ने एक पॉडकास्ट में बताया था, 'व्हे प्रोटीन की जो प्रोसेसिंग है, उसे जो बनाने का तरीका है, वो एक ही है कि वो दूध से ही बन सकता है. जब हम दूध को फाड़ देते हैं और उसमें से पनीर को अलग कर देते हैं तो जो हल्के हरे रंग का पानी बचता है वो व्हे प्रोटीन है. लेकिन उसको प्रोसेस किया जाता है और फिर पाउडर फॉर्म में बना दिया जाता है.'
कौन लोग ले सकते हैं व्हे प्रोटीन?
यतिंदर सिंह बताते हैं, 'मैं ये कहना चाहता हूं कि व्हे प्रोटीन कोई भी ले सकता है. अगर आपको कुछ कॉम्प्लिकेशंस हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह से लेना चाहिए लेकिन फिर भी हिंदुस्तान में 60 पर्सेंट डॉक्टर भी मना करते हैं कि व्हे प्रोटीन पीने के लिए क्योंकि उनको ऐसा लगता है कि अगर दुनिया व्हे प्रोटीन पीने लगेगी तो वे तंदुरुस्त होने लगेंगी और तंदुरुस्त होने लगेंगे तो ये हमारे पास आना कम कर देंगे.'
'लेकिन मैं ऐसे इंटेलिजेंट डॉक्टरों को भी जानता हूं जो बोलते हैं कि व्हे प्रोटीन पीना चाहिए. वे खुद भी पीते हैं, बच्चों को भी पिलाते हैं, अपनी वाइफ को भी पिलाते हैं और लोगों को सजेस्ट भी करते हैं कि प्रोटीन पियो.'