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तमन्ना भाटिया के ट्रेनर ने बताया क्यों मसाला डोसा वेट लॉस के लिए नहीं है बेस्ट, जानें इसे हेल्दी बनाने का तरीका

तमन्ना भाटिया के फिटनेस ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह का कहना है कि जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें मसाला डोसा खाने से बचना चाहिए. अगर खाना ही है तो उसमें पनीर या अंडे जैसे प्रोटीन शामिल कर लें. इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और वजन घटाने में मदद मिलती है.

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तमन्ना भाटिया के ट्रेनर ने बताया डोसा को हेल्दी बनाने का तरीका (Photo- Adobe Stock )
तमन्ना भाटिया के ट्रेनर ने बताया डोसा को हेल्दी बनाने का तरीका (Photo- Adobe Stock )

साउथ इंडियन नाश्ता, खासकर इडली और डोसा, आजकल काफी पसंद किए जाते हैं. हल्का, टेस्टी और आसानी से पचने वाला होने की वजह से इसे सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका पसंदीदा मसाला डोसा आपके वजन घटाने के सफर में रुकावट भी बन सकता है. ऐसा हम नहीं, बल्कि सेलिब्रिटी फिटनेस ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह का कहना है, जिन्होंने तमन्ना भाटिया और कंगना रनौत को ट्रेन किया है.  उनके अनुसार, डोसा अपने आप में अनहेल्दी नहीं है लेकिन इसे खाने का तरीका और इसमें पोषक तत्वों की कमी आपके वेट लॉस जर्नी पर असर डाल सकती है.

सिद्धार्थ सिंह अपने एक  इंस्टाग्राम वीडियो में कहते हैं कि अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो नाश्ते में मसाला डोसा खाना बंद कर दें. लेकिन उनका मतलब डोसे को गलत बताना नहीं था. वो साफ कहते हैं, 'डोसा अपने आप में बिल्कुल भी अनहेल्दी नहीं है. ये चावल और उड़द दाल से बनता है, जिसे फर्मेंट करके तैयार किया जाता है. सांभर भी दाल से बनता है, इसलिए इसमें भी कुछ अनहेल्दी नहीं है.' यानि समस्या ये नहीं है कि डोसा खराब है, बल्कि ये है कि इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व नहीं मिल पाते.

डोसा क्यों अनहेल्दी है?

सिद्धार्थ का कहना है कि असली समस्या जल्दी भूख लगने की है. डोसा खाने के लगभग एक घंटे बाद फिर से भूख लगने लगती है. ऐसे में आपको कुछ न कुछ खाने की क्रेविंग होती है, जिससे आप जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले लेते हैं. डोसा ज्यादातर चावल और दाल से बनता है, इसलिए यह जल्दी पच जाता है. सुनने में यह अच्छी बात लगती है लेकिन इसका मतलब यह भी है कि यह ज्यादा देर तक पेट भरा हुआ महसूस नहीं कराता. ऐसे में यह उन लोगों के लिए सही नहीं है जो वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं. यानी वजन बढ़ने की वजह डोसा खुद नहीं है, बल्कि उसके बाद बार-बार कुछ खाने की आदत है. 

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तो क्या वजन कम करने की कोशिश करने वाले को डोसा खाना बंद कर देना चाहिए? सिद्धार्थ कहते हैं कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. उनका कहना है कि डोसा खाना छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसे थोड़ा बेहतर बनाने की जरूरत है. उनके मुताबिक, 'डोसा अनहेल्दी नहीं है, बस इसमें कुछ जरूरी चीजों की कमी होती है.'

फिर डोसा को बेहतर कैसे कर सकते हैं

सिद्धार्थ डोसे को बेहतर करने के लिए उसमें प्रोटीन की मात्रा डालने को कहते हैं. जैसे आप डोसे के अंदर पनीर को क्रश करके उसका मसाला बनाकर डाल सकते हैं.ऐसा करने से खाना बैलेंस हो जाता है. प्रोटीन डाइजेशन को थोड़ा स्लो करता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और जल्दी भूख नहीं लगती.

वहीं, अगर आपको पनीर पसंद नहीं है तो आप दूसरे प्रोटीन वाले ऑप्शन भी जोड़ सकते हैं, जैसे: पनीर भुर्जी की फिलिंग, साथ में अंडे, मूंगफली या नारियल की चटनी (जिसमें हेल्दी फैट और थोड़ा प्रोटीन होता है), गाढ़ा और दाल से भरपूर सांभर. मतलब वजन घटाने के लिए डोसा छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपने नाश्ते को थोड़ा बैलेंस करना जरूरी है.

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