scorecardresearch
 

'भर्ती के लिए निहित अधिकारों का दावा नहीं कर सकते', सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अग्निपथ योजना वाली याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अग्निपथ योजना को लेकर दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया. याचिका में भारतीय सेना और वायु सेना के लिए शुरू की गई भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी जिन्हें 'अग्निपथ' योजना के ऐलान के बाद बंद कर दिया गया था.

Advertisement
X
अग्निपथ योजना को लेकर दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट में हुई खारिज
अग्निपथ योजना को लेकर दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट में हुई खारिज

अग्निपथ योजना को लेकर दाखिल याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई के दौरान CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता भर्ती के लिए निहित अधिकारों का दावा नहीं कर सकते. यह याचिका केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना शुरू होने से पहले सेना और वायु सेना में भर्ती प्रक्रिया को जानबूझ का रोके रखने के मामले में दायर की गई थी.

याचिका में की गई थी ये मांग

कोर्ट के इस फैसले से एक तरह से उम्मीदवारों को राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए आदेश देने की याचिका को खारिज कर दिया था. अपनी अर्जी में याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि वो 2021 में हुई भर्ती प्रक्रिया में भाग ले चुके थे और कई चरण की स्पर्धा पास भी कर चुके थे, लेकिन जून 2022 में अग्निपथ योजना के आने के बाद इनकी भर्ती प्रक्रिया आधे में ही रोक दी गई. इसलिए इस योजना ने उनकी नियुक्ति के मौके को रोक दिया है.

हाईकोर्ट से भी लगा था झटका
फरवरी माह के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने भी याचिका को खारिज कर दिया था. दिल्ली हाई कोर्ट ने अग्निपथ योजना के मामले में केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी थी और केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को सही उचित और विधिसंगत माना था. दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ द्वारा फरवरी, 2023 में यह फैसला सुनाया गया था.
क्या है अग्निपथ योजना
सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना  पिछले साल 14 जून को शुरू की गई थी. योजना के नियमों के अनुसार, साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के लोग इस योजना के तहत देश के प्रहरी के लिए आवेदन करने के पात्र हैं. उन्हें चार साल के कार्यकाल के लिए सेना में शामिल किया जाएगा. योजना के तहत कुल अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत की सेवा नियमित कर दी जाती है.

Advertisement

बाकी लोगों को सक्रिय भविष्य के लिए पेशेवर ट्रेनिंग दी जाती है. उनको एकमुश्त धनराशि भी मिलती है. उनमें से कई को केंद्रीय बलों, पुलिस बल और अन्य विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया के तहत कुछ छूट यानी रियायत और प्राथमिकता मिलती है. हालांकि अग्निपथ योजना की शुरुआत के बाद इस योजना के खिलाफ कई राज्यों में जबरदस्त विरोध हुआ था. बाद में सरकार ने 2022 में भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया.

 

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement