बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और आईटी सेल के हेड अमित मालवीय को केजरीवाल सरकार के मंत्री इमरान हुसैन ने लीगल नोटिस भेजा है. लीगल नोटिस के जरिए कहा गया है कि संबित पात्रा और अमित मालवीय माफी मांगे नहीं तो उनके खिलाफ मानहानि का मामला कोर्ट में दाखिल किया जाएगा.
यह मामला ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की होर्डिंग से जुड़ा हुआ है. कोरोना की दूसरी लहर में जब केस ज्यादा सामने आ रहे थे तब ऑक्सीजन कंसंट्रेटर घर पर मंगाने के आरोप मंत्री इमरान हुसैन पर लगे थे. इसको लेकर हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने इस मामले में मंत्री को क्लीन चिट दे दी थी.
इमरान हुसैन की तरफ से कोर्ट को बताया गया था कि ये ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर उन्होंने दिल्ली सरकार से नहीं लिए बल्कि अपनी विधानसभा में लोगों की मदद करने के लिए हरियाणा से मंगाए थे.
याचिका में कहा गया था कि पार्टी और अपना चेहरा चमकाने के लिए इमरान हुसैन ने दिल्ली सरकार से ही ऑक्सीजन लेकर अपने घर में रखवाई और फिर इसे अपने विधानसभा के लोगों में बांटा जबकि ऑक्सीजन सीधे अस्पतालों में भेजी जानी चाहिए थी. वहीं, मंत्री ने अपने दस्तावेजों से कोर्ट में यह साफ कर दिया कि वह ऑक्सीजन दिल्ली से नहीं ली गई थी.
इस दौरान संबित पात्रा और अमित मालवीय की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मंत्री इमरान हुसैन पर आरोप लगाया गया था कि एक तरफ केजरीवाल केंद्र सरकार से ऑक्सीजन मांग रहे हैं और दूसरी तरफ मंत्री जमाखोरी कर रहे हैं.