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चाबी ही खो गई... कर्नाटक में हथोड़े से तोड़ना पड़ा EVM स्ट्रॉन्ग रूम का ताला

दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में स्ट्रॉन्गरूम की चाबी ताले से मेल नहीं खाने के कारण मतगणना में देरी हुई. इसके चलते अधिकारियों को मजबूरन ताले तोड़ने पड़े.

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4 स्ट्रॉन्गरूम के ताले हथौड़े और छैनी की मदद से खोले गए. (Photo: ITG)
4 स्ट्रॉन्गरूम के ताले हथौड़े और छैनी की मदद से खोले गए. (Photo: ITG)

कर्नाटक के दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव की मतगणना शुरू होने से पहले एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई. डीआरआर स्कूल स्थित काउंटिंग सेंटर पर, जब चुनाव अधिकारियों और प्रत्याशियों के एजेंटों की मौजूदगी में स्ट्रॉन्ग रूम खोलने की कोशिश की गई, तो चाबियां ताले से मेल नहीं खाईं. इसके चलते अधिकारियों को मजबूरन दरवाजों के लॉक तोड़कर प्रवेश करना पड़ा.

इस पूरी घटना के बाद काउंटिंग सेंटर पर हड़कंप मच गया. स्ट्रॉन्ग रूम खोलने की प्रक्रिया कई अधिकारियों की निगरानी में हुई, इस वक्त यहां कुमार रमणीकांत (जनरल ऑब्जर्वर),  जी.एम. गंगाधरस्वामी ( डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर/डिप्टी कमिश्नर), संतोष कुमार (रिटर्निंग ऑफिसर), गिट्टी माधव विठ्ठल राव (सीईओ), एच.टी. शेखर (एसपी) मौजूद रहे.

 

लॉक नहीं खुला तो तोड़े ताले

जब स्ट्रॉन्ग रूम खोलने के लिए चाबी मिसमैच हुई और कई कोशिशों के बावजूद लॉक नहीं खुला, तो मजबूरी में कुल 4 स्ट्रॉन्ग रूम के ताले हथौड़े और छैनी से तोड़कर खोले गए.

बता दें, पोस्टल बैलेट की गिनती सुबह 8 बजे और ईवीएम की गिनती 8:30 बजे शुरू होनी थी, लेकिन इस गड़बड़ी के कारण प्रक्रिया में देरी हुई. चाबी न मिलने की इस लापरवाही पर डिप्टी कमिश्नर जी.एम. गंगाधरस्वामी ने कड़ी नाराज़गी जताई और घटना को लेकर सहायक अधिकारियों पर गुस्सा दिखाया.

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यह बड़ी प्रशासनिक चूक अब दावणगेरे मतगणना प्रक्रिया के दौरान चर्चा का मुख्य मुद्दा बन गई है.

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