कर्नाटक के मंगलुरु में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को नौकरी दिलाने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिकों को अलग-अलग निर्माण स्थलों पर काम दिलाने का इंतजाम करते थे. मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है.
एक एजेंसी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के रहने वाले मोयदीन इस्लाम, रसूल इस्लाम और दिलवर हुसैन के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से मजदूरों को मंगलुरु लाते थे. जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को किस तरह शहर में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे.
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोयदीन इस्लाम और दिलवर हुसैन को मंगलुरु से गिरफ्तार किया गया, जबकि रसूल इस्लाम को कोलकाता पुलिस की मदद से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से पकड़ा गया. उसे आगे की पूछताछ के लिए मंगलुरु लाया जा रहा है.
मंगलुरु सिटी पुलिस की एक विशेष टीम, जिसकी अगुवाई डीसीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कर रहे हैं, रसूल इस्लाम को ट्रांजिट रिमांड पर लाने के लिए कोलकाता रवाना हो चुकी है. पुलिस आयुक्त सुधीर कुमार रेड्डी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को रोजगार दिलाने का यह नेटवर्क कब से सक्रिय था.