कर्नाटक की सियासत में आखिरकार बुधवार को उस वक्त एक नए युग की शुरुआत हो गई, जब कांग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले डी.के. शिवकुमार ने 24वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. उन्होंने भारत के संविधान की एक कॉपी हाथ में पकड़ी और वीरा गंगाधर अजय्या के नाम पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद उन्होंने अपनी कैबिनेट की बेहद अहम बैठक की है.
कैबिनेट मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कर्नाटक की जनता, खासकर युवाओं और छात्रों के लिए अपनी प्राथमिकताओं को साफ कर दिया है. उन्होंने दो बड़े एलान किए हैं. उन्होंने कहा, "छात्रों ने मुझसे मुलाकात कर बस पास का मुद्दा उठाया था. हमने सभी स्टूडेंट्स को फ्री बस पास देने का बड़ा फैसला किया है. इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए एक एप्लीकेशन देनी होगी."
राज्य में बेरोजगारी की समस्या पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य में बेरोजगारी की समस्या है, जिससे युवा परेशान हैं. हमने सरकार के ज़रिए 56,000 नौकरियां देने का वादा किया था. हम इस वादे को पूरा करने के लिए जल्द ही एक आधिकारिक रिक्रूटमेंट कैलेंडर जारी करेंगे." इसके बाद उन्होंने पिछले एक साल से चल रही सियासी अटकलों भी खुलकर बात किया.
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से मुस्कुराते हुए कहा, "आप सब रिपोर्टिंग कर रहे थे. कहानियों की खबर बना रहे थे और क्या-क्या नहीं. पिछले एक साल से आप सबको अच्छा चारा मिल रहा था. लेकिन मेरी पार्टी ने अब उस सारे विवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया है. पिछले एक साल से मीडिया में जो कुछ भी आ रहा था, मैं वह सब सुन रहा था. मैं कहता रहा कि अच्छी चीजों में समय लगता है.''
उन्होंने आगे कहा, ''आज शाम 4.05 बजे वह अच्छा समय आ गया है. मैं पिछले 6 महीनों से अच्छे प्रोग्राम तैयार कर रहा था. आज कैबिनेट में हमने आने वाले दिनों में प्रोग्राम लागू करने के लिए एक-एक करके उन पर विस्तार से चर्चा की है. मेरा पॉलिटिकल करियर और अनुभव बहुत पहले शुरू हो गया था. मैंने जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव, सुख-दुख देखे हैं. मैं हमेशा उम्मीद पर जीता हूं."
कांग्रेस के भीतर किसी भी तरह के मतभेद को सिरे से खारिज करते हुए डीके शिवकुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की जमकर तारीफ किया. उन्होंने कहा, "सिद्धारमैया ने भी अपना वादा निभाया. उन्होंने बार-बार कहा था कि जब भी हाईकमान उन्हें पद छोड़ने के लिए कहेगा, वे इस्तीफा दे देंगे. जब हाईकमान ने हम दोनों को दिल्ली बुलाया, तो सिद्धारमैया ने खुशी-खुशी इस्तीफा दे दिया.''
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने यह भी साफ कर दिया कि सरकार में किसी एक का एकछत्र राज नहीं होगा. उन्होंने कहा, "यह CM की कुर्सी हमारी नहीं है. यह एक मौका है जो कर्नाटक के लोगों ने हमें दिया है. कोई भी फैसला अकेले डीके शिवकुमार का फैसला नहीं होगा. हर एक फैसला डीके शिवकुमार का फैसला नहीं है, यह सबका फैसला होगा." उनके साथ उनका पूरा कैबिनेट दिखाई दिया.
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ, डॉ. जी. परमेश्वर ने डिप्टी चीफ मिनिस्टर के तौर पर शपथ ली. इसके अलावा शिवकुमार कैबिनेट में मंत्रियों के रूप में के. एच. मुनियप्पा, के. जे. जॉर्ज, एम. बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जरकीहोली, कृष्णा बायरे गौड़ा, प्रियांक खड़गे, यू. टी. खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धारमैया, बिरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल ने भी पद की शपथ ली.