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IT जॉब छोड़ बना किसान, फिर खेत में बिजली गिरने से चली गई जान, बेंगलुरु में दर्दनाक घटना

कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर खेती को नया जीवन देने वाले बेंगलुरु के रोशन बालकृष्ण का सपना मैसूर में एक दर्दनाक हादसे में टूट गया. खेत देखने गए रोशन पर आम तोड़ते वक्त आकाशीय बिजली गिर गई, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

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कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ खेती शुरू करने वाले रोशन बालकृष्ण की बिजली गिरने से मौत (Image Credit: X/IndianGems_)
कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ खेती शुरू करने वाले रोशन बालकृष्ण की बिजली गिरने से मौत (Image Credit: X/IndianGems_)

बेंगलुरु में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया. आईटी सेक्टर की नौकरी छोड़कर खेती की राह चुनने वाले एक युवक की खेत में बिजली गिरने से मौत हो गई. मृतक की पहचान होसोकलु रोशन बालकृष्ण के रूप में हुई. रोशन पहले कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करते थे, लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने नौकरी छोड़ खेती शुरू की थी. अब उनकी इस अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोशन मंगलवार को मैसूर के पास अपने खेत पर गए थे. उनके साथ उनकी पत्नी तथा बेटा भी मौजूद थे. पूरा परिवार येलवाल इलाके के पास अपनी जमीन देखने के लिए रुका हुआ था. इसी दौरान रोशन पेड़ से आम तोड़ने के लिए आगे बढ़े. तभी अचानक मौसम बदला, कड़कड़ाहट हुई तथा उन पर सीधे आकाशीय बिजली गिर गई. इसके चलते वह मौके पर ही जमीन पर गिर पड़े. हादसे के वक्त साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति को भी चोटें आईं, हालांकि उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

IT की नौकरी छोड़ी, फिर खेती में की थी नई शुरुआत

रोशन कर्नाटक के कोडागु जिले के हेरावनाड गांव के रहने वाले थे. वह पहले आईटी सेक्टर में काम करते थे, लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने नौकरी छोड़ खेती में हाथ आजमाने का फैसला लिया था. इसके बाद अपने एक साथी के साथ मिलकर वह आधुनिक खेती से जुड़ा काम कर रहे थे. खेती में नई मशीनों को इस्तेमाल में लाना और उनकी मार्केटिंग करना भी उनके काम का हिस्सा था.

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परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि रोशन खेती को लेकर काफी गंभीर थे और इसे सिर्फ काम नहीं, बल्कि अपने भविष्य के रूप में देख रहे थे. यही वजह थी कि वह इसमें पूरी जान लगा रहे थे, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने सबकुछ बदल दिया. इस दुखद घटना के बाद उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव हेरावनाड में किया गया. लेकिन, अपने पीछे वह पत्नी और एक बेटे को छोड़ गए हैं.

वहीं, इस घटना के बाद मैसूर जिला आपदा प्रबंधन इकाई ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार को कुल 5 लाख रुपये की सहायता मिलेगी. इसमें 4 लाख रुपये राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से दिए जाएंगे, जबकि 1 लाख रुपये राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) की तरफ से मिलेगा. 

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