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जब रोमन सम्राट नीरो ने प्रजा से बचने कर ली आत्महत्या, उसे रोम का दुश्मन घोषित किया गया था

आज के दिन ही रोमन सम्राट नीरो ने आत्महत्या कर ली थी. उसे रोम का दुश्मन घोषित कर दिया गया था और उसकी सेना और प्रजा ही उसके जान के पीछे पड़ी हुई थी. उसने जिल्लत भरी मौत से बेहतर खुद की जान लेना सही समझा.

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नीरो ने अपनी ही प्रजा के हाथ मरने से अच्छा आत्महत्या का विकल्प चुना था (Photo - Pexels)
नीरो ने अपनी ही प्रजा के हाथ मरने से अच्छा आत्महत्या का विकल्प चुना था (Photo - Pexels)

9 जून 68 ई को रोमन सम्राट नीरो ने आत्महत्या कर ली थी. अपनी प्रजा के हाथ बुरी मौत मिलने के डर से उसने आत्महत्या करना सही समझा.  नीरो को रोमन साम्राज्य का एक अत्याचारी शासक मना जाता है. हालांकि, वह खुद को एक कलाकार मानता था. नीरो किस तरह का राजा था,यह बात एक पुरानी कहावत से समझा जा सकता है - जब रोम जल रहा था तो नीरो बंसी बजा रहा था. इसका पूरा नाम, नीरो क्लॉडियस सीजर ऑगस्टस जर्मेनिकस था. 

नीरो का जन्म 15 दिसंबर 37 ई में हुआ था. नीरो के एक क्रूर, व्यभिचारी और कुख्यात शासक माना जाता है. उसने अपने सौतेले भाई, अपनी मां और अपनी दो पत्नियों की हत्या कर दी थी. मात्र 14 वर्षों में उसने रोम को पतन के कगार पर ला खड़ा किया. उसने भोग-विलास और अनैतिक गतिविधियों में लिप्त होकर अपने महल के निर्माण के लिए साम्राज्य को लगभग दिवालिया कर दिया.

हिस्ट्रीएक्सट्रा के मुताबिक, उसने ईसाइयों पर इतनी बर्बरता से अत्याचार किया कि उसे 'एंटीक्राइस्ट' (ईसा मसीह का विरोधी) से पुकारा जाने लगा. रोमन इतिहासकारों टैसिटस, सुएटोनियस और कैसियस डियो के बचे हुए दस्तावेजों से नीरो की यही छवि उभरती है.

जब 68 ईस्वी में गॉल के गवर्नर गायस जूलियस विंडेक्स ने विद्रोह किया, तो नीरो ने इसे कोई गंभीर खतरा नहीं समझा. कहा जाता है कि उसने घोषणा की थी कि मुझे बस प्रकट होना है और गीत गाना है, और गॉल में फिर से शांति स्थापित हो जाएगी. फिर उत्तरी स्पेन के एक अन्य गवर्नर, सर्वियस सल्पिसियस गैल्बा, विद्रोह में शामिल हो गया और खुद को सम्राट घोषित कर दिया. उसके साथ और भी लोग विद्रोह से जुड़ गए. फिर सीनेट ने नीरो को रोम का शत्रु घोषित कर दिया. जब प्रेटोरियन गार्ड ने भी नीरो का साथ छोड़ दिया, तो वह समझ गया कि अब उसका अंत हो गया है.

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रोम का 30 साल का सम्राट, जो अब रोम का शत्रु बन चुका था. शहर छोड़कर भाग गया, क्योंकि उसके पास छिपने या भागने की कोई जगह नहीं थी. 9 जून, 68 ईस्वी को, उसने अपने साथ बचे कुछ लोगों को, जिनमें उसकी 'पत्नी' स्पोरस भी शामिल थी, अपने लिए कब्र खोदने का आदेश दिया.

 खुद को मारना इतना आसान नहीं था. उसने अपने निजी सचिव, एपफ्रोडिटोस से तलवार को शरीर में घुसाने को कहा. उसके बाद वह खोदी गई कब्र में चला गया. उसके अंतिम शब्द थे - ओह, मेरे अंदर एक कलाकार मर रहा है! वह अंतिम समय में भी खुद को एक कलाकार समझता था. 

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