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स्टेशन, ट्रेन के वेंडर को कितने की मिलती है रेल नीर? होलसेल का ये है रेट

क्या आप जानते हैं ट्रेन में जो पानी बेचने वेंडर आते हैं, उन्हें एक पानी की बोतल बेचने पर कितना मुनाफा होता है. तो जानते हैं पानी की बोतल से आईआरसीटीसी को कितनी कमाई होती है?

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रेल नीर की एक बोतल पर वेंडर को करीब 4 रुपये की कमाई होती है. (Photo: IRCTC)
रेल नीर की एक बोतल पर वेंडर को करीब 4 रुपये की कमाई होती है. (Photo: IRCTC)

ट्रेन के मुसाफिरों का सफर रेल नीर के बिना शायद ही पूरा होता होगा. क्या आप जानते हैं 14 रुपये में ट्रेन और स्टेशन पर आसानी से मिलने वाली रेल नीर की बोतल कितने रास्तों से गुजकर यात्री की सीट तक पहुंचती है. तो आज आपको बताते हैं कि आखिर रेल नीर की बोटलिंग कैसे होती है और कितने रुपये में स्टेशन या ट्रेन वेंडर के पास पहुंचती है, जिसमें मुनाफा जोड़ने के बाद ये रेल  नीर 14 रुपये में बिकता है.  

कहां भरा जाता है रेल नीर का पानी?

रेल नीर की बोटलिंग अलग अलग प्लांट में होती है और ये एरिया के हिसाब से बने होते हैं. जैसे दिल्ली के नांगलोई,  उत्तर प्रदेश के अमेठी, हापुड़, बिहार के दानापुर, मध्य प्रदेश  के मंडीदीप, महाराष्ट्र में नागपुर, अंबरनाथ आदि में रेल नीर के प्लांट हैं. यहां से बोतल में पानी भरकर वेंडर तक सप्लाई की जा सकती है.

कितना है इसका होलसेल रेट?

अगर रेल नीर के होलसेल की प्राइज की बात करें तो जब से जीएसटी रेट कम हुए हैं, तब से वेंडर को पड़ने वाली कोस्ट की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. बता दें कि पहले रेल नीर की बोतल पर 18 फीसदी जीएसटी टैक्स लगता था, जिसे बाद में 5 फीसदी वाले स्लैब में शामिल कर दिया गया. इसके बाद से इसमें एक रुपये की कमी की गई और 15 रुपये में बिकने वाली एक लीटर  की रेल नीर की बोतल 14 रुपये में बिकने लगी. 

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जब पहले 15 रुपये की बोतल ग्राहकों को मिलती थी, उस वक्त आईआरसीटीसी वेंडर को एक बोतल 10.32 रुपये में बेचता था. बता दें कि कुछ सालों पहले सरकार की ओर से संसद में दिए गए जवाब में कहा गया था कि रेल नीर की बोतल को बनाने में 9.22 रुपये का खर्च आता है. इसके बाद इसे वेंडर तक पहुंचाने का ट्रांसपोर्ट का खर्चा जोड़ा जाता है. जब वेंडर और प्लांट की दूरी 75 किलोमीटर से कम होती है तो ये रेट 10 रुपये तक होती है और उससे  ज्यादा होने पर कुल खर्चा 10.50 रुपये होता है. 

सरकार की ओर  से दी गई जानकारी  के अनुसार, आईआरसीटीसी की ओर से वेंडर्स को 10.32 रुपये में बोतल बेच दी जाती है. इसके बाद ये बाजार में 15 रुपये में बिकती थी यानी एक बोतल पर वेंडर करीब 4 रुपये कमाते थे. लेकिन, जीएसटी रेट कम होने के बाद माना जा रहा है कि वेंडर की कोस्ट थोड़ी कम हो सकती है और इसके बाद रेट में बदलाव संभव है.

लेकिन, अनुमान लगाया जाए तो अभी भी वेंडर को करीब 4 रुपये तक का फायदा हो सकता है. सरकार ने ये भी जानकारी दी थी कि आईआरसीटीसी को रेल नीर से 11.93 फीसदी की कमाई होती है और एक बोतल पर सिर्फ 1.10 रुपये तक बचाती है. 
 

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