ट्रेन टिकट बुक कराने के लिए लोग अक्सर रेलवे स्टेशन की लाइन में लगने के बजाय किसी IRCTC एजेंट के पास चले जाते हैं. खासकर तत्काल टिकट के समय एजेंटों की मांग काफी बढ़ जाती है. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर एजेंट एक टिकट बुक करने पर कितना कमाते हैं?
दरअसल, IRCTC अपने अधिकृत एजेंटों को हर टिकट बुकिंग पर तय कमीशन देता है. इसके अलावा एजेंट कुछ सर्विस चार्ज भी ले सकते हैं. यही वजह है कि टिकट बुकिंग कई लोगों के लिए एक अच्छा छोटा बिजनेस बन गया है.
एक टिकट पर एजेंट को कितना मिलता है कमीशन?
IRCTC के अधिकृत एजेंट को टिकट बुकिंग पर क्लास के हिसाब से कमीशन मिलता है. भारतीय रेलवे के नियम अनुसार नॉन-एसी टिकट (स्लीपर और सेकंड सिटिंग) पर लगभग 20 रुपये प्रति PNR के हिसाब से मिलता है. वहीं एसी (1A, 2A, 3A, CC) का टिकट बुक करने पर लगभग 40 रुपये प्रति पीएनआर के हिसाब से मिलता है.
यानी अगर कोई एजेंट एसी क्लास का टिकट बुक करता है तो उसे रेलवे की ओर से 40 रुपये तक का कमीशन मिल सकता है, जबकि स्लीपर या अन्य नॉन-एसी टिकट पर 20 रुपये तक का कमीशन मिलता है.
क्या एजेंट सिर्फ इतना ही कमाते हैं?
नहीं, एजेंट की कमाई सिर्फ IRCTC कमीशन तक सीमित नहीं होती. नियमों के तहत अधिकृत एजेंट यात्रियों से अतिरिक्त सर्विस चार्ज भी ले सकते हैं. आमतौर पर यह शुल्क टिकट की श्रेणी और एजेंट के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है. टिकट पर यह चार्ज अलग से दिखाई भी देता है.
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उदाहरण के तौर पर, अगर किसी एसी टिकट पर एजेंट को 40 रुपये कमीशन मिला और उसने सर्विस चार्ज भी लिया, तो उसकी कुल कमाई इससे ज्यादा हो सकती है.
PNR का क्या मतलब है?
कई लोग समझते हैं कि कमीशन प्रति यात्री मिलता है, लेकिन ऐसा नहीं है. IRCTC एजेंट को कमीशन प्रति पीएनआर मिलता है. यानी एक ही टिकट पर चार यात्रियों के नाम हों या एक यात्री का, कमीशन एक PNR के हिसाब से ही दिया जाता है.
अधिकृत एजेंटों को बड़ी संख्या में टिकट बुक करने की अनुमति होती है. हालांकि, उन्हें रेलवे और IRCTC के नियमों का पालन करना पड़ता है. हाल के वर्षों में रेलवे ने फर्जी बुकिंग और दलाली रोकने के लिए एजेंटों पर कई नियम भी लागू किए हैं.
छोटे शहरों और कस्बों में आज भी ऐसे कई लोग हैं जो खुद ऑनलाइन टिकट बुक नहीं कर पाते. ऐसे में वे नजदीकी एजेंट की मदद लेते हैं. एजेंट कुछ ही मिनटों में टिकट बुक करके दे देते हैं और बदले में कमीशन व सर्विस चार्ज से कमाई करते हैं.यही वजह है कि साइबर कैफे, जन सेवा केंद्र और ट्रैवल एजेंसियों के लिए IRCTC एजेंसी आज भी कमाई का एक लोकप्रिय जरिया बनी हुई है.