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बाजार से दीवारें ले आओ, उन्हें लगा लो, बन गया मकान! चीन में ऐसे बनते हैं घर

चीन में घर बनाने के लिए बाजार में रेडिमेड वॉल मिलते हैं. बस अपने जरूरत के हिसाब से इन्हें खरीदकर ले आएं और इसे फिक्स करने वाले एक्सपर्ट बस कुछ ही समय में आपने डिजाइन के हिसाब से इसे जोड़कर दीवार खड़ी कर देंगे और ऐसे आपका सपनों का घर महीनों के बजाय कुछ दिनों में आराम से तैयार हो जाएगा.

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चीन में रेडिमेड दीवारों से झटपट बन रहे हैं मकान (Photo - AI Generated)
चीन में रेडिमेड दीवारों से झटपट बन रहे हैं मकान (Photo - AI Generated)

घर बनाने के लिए पहले दीवार खड़ी करनी होती है. एक- एक ईंट को जोड़कर सपनों का आशियाना बनाने में न सिर्फ पैसा खर्च होते हैं, बल्कि दर्जनों मजदूरों की मेहनत और काफी ज्यादा समय भी लगता है. वहीं चीन नघर बनाने के लिए सबसे जरूरी इस दीवार का रेडिमेड सोल्यूशन भी ले आया है. वहां बनी-बनाई दीवारें बाजार में मिलती है. अपने जरूरत के हिसाब से उसे खरीदकर ले आएं और उसे फिक्स कर झटपट घर तैयार कर लें. 

बाजार में मिलने वाले इन रेडिमेड दीवारों से घर बनाने में ईंट, सीमेंट, ढेर सारे मजदूर और कंस्ट्रक्शन में लगने वाला काफी ज्यादा समय जैसे झंझट खत्म हो जाते हैं. इन दीवारों में इस तरह से खांचे बने होते हैं कि इन्हें ऊपर नीचे, अगल- बगल हर तरीके से एक दूसरे के साथ मजबूती से फिट किया जा सकता है.  

बाजार में ये रेडिमेड वॉल,  प्रीफेब्रिकेटेड या प्रीकास्ट पैनल के नाम से बिकते हैं. चीन में तेजी से बढ़ते निर्माण उद्योग में बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल होता है. इसकी मदद से छोटे- मोटे कंस्ट्रक्शन, जिनमें पहले हफ्तों लग जाते थे, ऐसे काम सिर्फ एक या दो दिन में निपट जाते हैं. इन रेडिमेड वॉल से बने घर या बिल्डिंग कमजोर नहीं होते हैं. इन दीवारों को बनाने वाली कंपनियां दावा करती हैं कि यह काफी मजबूत, टिकाऊ, वाटरप्रूफ, साउंड प्रूफ और हीट प्रूफ होती है. 

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 तेज निर्माण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इन प्रीफेब्रिकेटेड पैनल या दीवारों की लंबाई 3 मीटर होती है. ये रेडिमेड पार्टीशन वॉल ब्लॉक घरों के अलग- अलग कमरे, रैक,छत बनाने में काफी यूजफुल होते हैं. चीन की कुछ कंपनियां इसे ऑनलाइन भी बेचती है. वहां एक ब्लॉक की कीमत 9 डॉलर से लेकर 19 डॉलर करीबन 900 से  2000 रुपये तक होती है. 

कैसे बनते हैं ये रेडिमेड वॉल
इन रेडिमेड दीवार को ऐसे बनाया जाता है कि यह लंबे समय तक बिना टूट- फूट के खड़े रहें. सवाल उठता है कि इन दीवारों को किन चीजों से बनाया जाता है. मुख्य रूप से सीमेंट, रेत, फ्लाई ऐश के मिश्रण को जमाकर अलग- अलग साइज के ब्लॉक में ढाला जाता है. अलग- अलग मोटाई के सांचों में कंक्रीट के मिश्रण को डालकर इन्हें ढाला जाता है. 

इसमें भी कुछ अलग- अलग तरह के रेडिमेड वॉल उपलब्ध होते हैं. एक नॉर्मल वॉल होता है जिन्हें स्टील के सांचों में कंक्रीट डालकर अलग- अलग मोटाई और लंबाई के पैनल के रूप में तैयार किया जाता है. इसे प्रीकास्ट कंक्रीट पैनल कहते हैं. 

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दूसरा ईपीएस सीमेंट सैंडविच पैनल होता है. यह फायर प्रूफ, साउंड प्रूफ और वाटर प्रूफ होता है. इसमें बाहरी परत के तौर पर दो सीमेंट बोर्ड होते हैं. इनके बीच पॉलीस्टाइरीन फोम की परत डाली जाती है. यह इन्सुलेटेड पैनल होता है.  पॉलीस्टाइरीन के छोटे-छोटे कण भाप से गर्म होकर सीमेंट बोर्ड के बीच फैल जाते हैं और ठंडा होकर जम जाते हैं. यह पर्यावरण के लिहाज से काफी अच्छा होता है. फायर रेसिस्टेंस और वाटर प्रूफ के लिए इसके ऊपर कैल्शियम सिलिकेट की परत चढ़ाई जाती है. 

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इन दीवारों से कैसे बनाए जाते हैं घर 
इन रेडिमेड वॉल से घर बनाने में समय, लागत और मानव श्रम की काफी बचत होती है. ईंट से जितनी बड़ी दीवार को बनाने में 12 लोगों को एक घंटे का समय लगता है. इन पैनलों को क्रेन और मशीनों के जरिए भी एक दूसरे से फिट करके घर तैयार कर दिए जाते हैं.  

उतनी बड़ी दीवार तीन लोग मिलकर एक घंटे में खड़ी कर देते हैं और सूखने और मजबूत बनने में समय भी नहीं लगता है. ये प्रीकास्ट पैनल भूकंपरोधी भी होते हैं.  इसकी मोटाई और हल्के वजन के कारण, भवन का क्षेत्रफल काफी बढ़ जाता है और निर्माण लागत में काफी बचत होती है.

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