दुनिया घूमना बहुत से लोगों का सपना होता है. लेकिन हर किसी के लिए यह सफर आसान नहीं होता. कुछ देशों के पासपोर्ट इतने मजबूत होते हैं कि उनके नागरिक बिना ज्यादा वीजा प्रक्रिया के कई देशों में जा सकते हैं. वहीं कुछ देशों के लोगों को लगभग हर जगह जाने के लिए लंबी वीजा प्रोसेस से गुजरना पड़ता है. भारत के मशहूर संगीतकार और विश्व यात्री बेनी प्रसाद ने इसी चैलेंज को अपनी ताकत बना लिया और एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा.
6 साल, 6 महीने और 22 दिन...
बेनी प्रसाद दुनिया के सबसे तेजी से सभी देशों की यात्रा करने वाले व्यक्ति बन गए. उन्होंने पृथ्वी के हर मान्यता प्राप्त देश का दौरा केवल 6 साल, 6 महीने और 22 दिनों में पूरा कर लिया. यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह कारनामा किसी बेहद शक्तिशाली पासपोर्ट के सहारे नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, योजना और धैर्य के दम पर हासिल किया. बेनी पेशे से एक संगीतकार हैं. वे अपने अनोखे गिटार और संगीत कार्यक्रमों के जरिए दुनिया भर में लोगों से जुड़ते हैं. यात्रा के दौरान वे अलग-अलग देशों में प्रदर्शन करते रहे और इसी दौरान उन्होंने दुनिया को करीब से देखा. उनका सफर केवल पर्यटन तक सीमित नहीं था, बल्कि यह विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और लोगों को समझने की एक कोशिश भी थी.
दुनिया के हर देश तक पहुंचना सुनने में जितना रोमांचक लगता है, असल में उतना ही मुश्किल काम है. कई देशों का वीजा मिलना आसान नहीं होता. कुछ जगहों पर डॉक्यूमेंटेशन की लंबी प्रक्रिया होती है, तो कहीं इंटरव्यू और कई तरह की परमिशन लेनी पड़ती हैं. बेनी को भी इन चैलेंज का सामना करना पड़ा. उन्होंने अपने इस मिशन के दौरान 16 पासपोर्ट भर दिए, जिनमें वीजा और इमिग्रेशन की मुहरें लगी हुई थीं. यह आंकड़ा ही बताता है कि उन्हें कितनी बार नए पासपोर्ट बनवाने पड़े और कितनी यात्रा करनी पड़ी.
बेनी प्रसाद के पास 16 पासपोर्ट क्यों हैं?
बेनी प्रसाद के पास 16 पासपोर्ट इसलिए हैं क्योंकि दुनिया के सभी देशों की यात्रा करने के दौरान उनके पासपोर्ट के पन्ने वीजा और इमिग्रेशन की मुहरों से बार-बार भरते गए. जब एक पासपोर्ट के सभी पन्ने इस्तेमाल हो जाते थे, तो उन्हें नया पासपोर्ट बनवाना पड़ता था. दुनिया के 190 से अधिक देशों की यात्रा के दौरान उन्होंने हजारों बार सीमाएं पार कीं, कई देशों के वीजा लिए और अनगिनत एंट्री-एग्जिट स्टैंप हासिल किए. इसी वजह से उनके एक-दो नहीं, बल्कि कुल 16 पासपोर्ट भर गए. यह संख्या उनके विशाल यात्रा अनुभव और रिकॉर्ड-तोड़ वर्ल्ड टूर की गवाही देती है.
बेनी प्रसाद के पास 16 पासपोर्ट इसलिए हैं क्योंकि दुनिया भर की यात्राओं के दौरान उनके पासपोर्ट वीजा और मुहरों से भरते गए, जिसके चलते उन्हें बार-बार नए पासपोर्ट जारी करवाने पड़े. बेनी का कहना है कि कई यात्रियों के लिए ट्रिप की तैयारी केवल टिकट बुक करने तक सीमित होती है. लेकिन जिन लोगों के पास कमजोर पासपोर्ट होता है, उनके लिए यात्रा की शुरुआत महीनों पहले से हो जाती है. उन्हें वीजा आवेदन, दस्तावेजों की तैयारी, बैंक रिकॉर्ड, होटल बुकिंग और कई अन्य औपचारिकताओं पर समय देना पड़ता है. कई बार वीजा मिलने में देरी होती है और योजनाएं बदलनी पड़ती हैं.
बाधा को नई चुनौती की तरह किया स्वीकार
इन सभी कठिनाइयों के बावजूद बेनी ने कभी हार नहीं मानी. उन्होंने हर बाधा को एक नई चुनौती की तरह स्वीकार किया. उनका सफर यह साबित करता है कि अगर किसी व्यक्ति के पास स्पष्ट लक्ष्य और मजबूत इरादा हो, तो पासपोर्ट की ताकत से ज्यादा उसकी मेहनत और लगन मायने रखती है. बेनी प्रसाद की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो मानते हैं कि सीमित संसाधनों या कठिन परिस्थितियों के कारण उनके सपने पूरे नहीं हो सकते. उन्होंने दिखाया कि धैर्य, सही योजना और लगातार प्रयास के जरिए असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं.