1990 के दशक के शुरुआती वर्षों 1993 के बाद से प्रदर्शनकारियों को संसद और सत्ता के गलियारों के पास अपनी बात रखने के लिए अनौपचारिक रूप से जंतर-मंतर रोड पर शिफ्ट कर दिया गया. तब से यह जगह देशभर के आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों और सामाजिक मुद्दों की आवाज बन गई थी. (Photo - AFP)
नवंबर 2009 में हजारों किसानों ने गन्ने के लाभकारी मूल्य और केंद्र-राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया था. (Photo - India Today)
2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन अन्ना हजारे आंदोलन जंतर- मंतर पर शुरू हुआ. हालांकि इसका मुख्य केंद्र रामलीला मैदान था, लेकिन जंतर-मंतर भी इस दौरान बड़े युवाओं के जमावड़े का गवाह रहा. उनकी मांग थी कि मजबूत लोकपाल कानून बनाया जाए. देखते ही देखते यह आंदोलन देशभर में फैल गया. अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण जैसे कई प्रमुख लोग भी इससे जुड़े. (Photo - AFP)
2012 का निर्भया कांड विरोध प्रदर्शन भी जंतर- मंतर पर हुआ था. दिल्ली में हुए इस जघन्य कांड के बाद न्याय और महिला सुरक्षा की मांग को लेकर हजारों लोग और छात्र जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए थे. (Photo - Getty)
2014 में अरुणाचल प्रदेश के 19 साल के छात्र नीडो तानिया की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर जंतर- मंतर पर प्रदर्शन हुआ. इसमें भी सैकड़ों छात्र- छात्राएं और नॉर्थ- ईस्ट इंडिया के लोग शामिल हुए थे. (Photo - India Today)
2017 में ही तमिलनाडु के कर्ज में डूबे किसानों ने करीब 40 दिन तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया. वे सूखा राहत पैकेज, कर्ज माफी और कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड की मांग कर रहे थे. इस दौरान किसानों ने बेहद अनोखे तरीके से अपना विरोध जताया. कभी उन्होंने हाथों में खोपड़ियां लेकर प्रदर्शन किया तो कभी मुंह में मरे हुए चूहे रखकर सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश की. (Photo - India Today)
2017 में कर्ज की वजह से आत्महत्या के लिए मजबूर किसानों ने भी जंतर- मंतर पर प्रोटेस्ट किया था. (Photo - India Today)
दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA के खिलाफ भी बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंचे. रह- रहकर सीएए के खिलाफ प्रोटेस्ट हुआ था. (Photo - India Today)
2021 में किसानों ने किसान संसद का आयोजन किया था. तीन एग्रीकल्चर कानून के विरोध में इसका आयोजन हुआ था. (Photo - Getty)
2023 का पहलवानों का विरोध प्रदर्शन भी जंतर- मंतर पर हुआ था. भारतीय कुश्ती महासंघ के खिलाफ विनेश फोगट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया आदि जैसे देश के शीर्ष पहलवानों ने महीनों तक जंतर-मंतर पर धरना दिया था. (Photo - Getty)