उत्तराखंड में मौजूद राजनीतिक संकट थमने का नाम नहीं ले रहा. केंद्र सरकार के बजट अध्यादेश के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं. हरीश रावत और इंदिरा हृदयेश की तरफ से दायर याचिका की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल कर रहे हैं. सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि उत्तराखंड के बजट को किसी ने चुनौती नहीं दी है. इसलिए केंद्र सरकार द्वारा लाए जाने वाले अध्यादेश पर रोक लगनी चाहिए.
दूसरी तरफ उत्तराखंड हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 9 बागी कांग्रेसी विधायकों की याचिका पर सुनवाई के लिए अब 11 अप्रैल की तारीख तय की है. इन 9 विधायकों ने खुद को अयोग्य करार देने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.
Congress files petition in Uttarakhand High Court against Centre's appropriation ordinance forCORRECTION: Single bench of HC adjourns hearing on petition of rebel Congress MLAs till April 11
— ANI (@ANI_news)
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हरीश रावत के स्टिंग ऑपरेशन मामले के खिलाफ उत्तराखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है. याचिका में की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम से करवाने की मांग की गई है. यह याचिका दिल्ली में रहने वाले मनन शर्मा ने दाखिल की है. कोर्ट ने इस याचिका पर 3 हफ्ते बाद सुनवाई की तारीख दी है.