अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder case) में इंसाफ की मांग लेकर रविवार को उत्तराखंड बंद किया गया. इसका असर राजधानी देहरादून सहित कई शहरों में देखने को मिल रहा है. अंकिता की हत्या के बाद से ही सामाजिक संगठनों सहित आम जनता और उसके परिवार के लोगों की ओर से आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की जा रही है. सीबीआई जांच की भी मांग संगठनों द्वारा की जा रही है.
राजधानी देहरादून के घंटाघर पर भी अंकिता हत्याकांड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया. हाथों में तख्तियां लेकर लोग अंकिता के हत्यारों के लिए फांसी की मांग नारे लगते नजर आए. बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला. सामाजिक संगठनों का इस बंद को समर्थन मिला है.
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मशाल जुलूस, मोमबत्ती जलाने की अपील
संगठनों द्वारा लोगों से अंकिता के लिए मशाल जुलूस निकालने की अपील की है. साथ ही घरों के बाहर अंकिता के लिए दिया और मोमबत्ती जलाने की बात कही है.
अब तक हुआ ये
अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर भास्कर, अंकित को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. फिर पटवारी वैभव के गिरफ्तार होने की बात सामने आ रही थी. अफवाह को लेकर पटवारी वैभव ने आजतक से कहा कि वो इस मामले में बेकसूर है. उसने कहा, मैंने अपना काम सही तरीके से किया है. 24 घंटे पहले एफआईआर नहीं लिख सकता था. पुलकित से मेरा कोई वास्ता नहीं है. सबसे पहले मैंने ही अंकिता के परिजनों को मामले की सूचना दी थी. मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं. मुझे कहां आना है ये बता दिया जाए.
स्पेशल गेस्ट का नाम नहीं आया सामने
जिस स्पेशल गेस्ट को एक्स्ट्रा सर्विस देने के लिए पुलकित आर्य अंकिता को फोर्स कर रहा था. उसके नाम का खुलासा फिलहाल नहीं हुआ है. कहा जा रहा है कि मामले की जांच कर रही एसआईटी को उसके बारे में जानकारी मिल गई है.
परिवार को 25 लाख रुपये की मदद
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के परिवार से मुलाकात की है. धामी ने दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की बात पहले ही कही थी. उन्होंने अंकिता के परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता दी भी है.