
विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज के कैंची धाम में आस्था अपने चरम पर है. कल यानी 15 जून को बाबा के स्थापना दिवस का भव्य आयोजन होना है, लेकिन उससे पहले ही कैंची धाम श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया है. पूरा आश्रम रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा है. 9 चूल्हों पर महाप्रसाद तैयार हो रहा है और बाबा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है.
रोशनी की चादर में लिपटा कैंची धाम
उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में स्थित बाबा नीम करौली महाराज का विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर दिव्य और भव्य स्वरूप में नजर आ रहा है. आश्रम परिसर को आकर्षक रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है. जैसे ही शाम ढलती है, पूरा कैंची धाम रोशनी की चादर में लिपटा दिखाई देता है. श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य किसी आध्यात्मिक उत्सव से कम नहीं है.

स्थापना दिवस के अवसर पर बाबा के महाप्रसाद की तैयारियां भी पूरे जोर-शोर से चल रही हैं. आश्रम में नौ बड़े चूल्हों पर प्रसाद तैयार किया जा रहा है. मथुरा और वृंदावन से पहुंचे 45 अनुभवी कारीगरों का दल श्रद्धालुओं के लिए विशेष मालपुए का प्रसाद बनाने में जुटा हुआ है. विशाल कड़ाहों में तैयार हो रहा यह प्रसाद कल लाखों श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाएगा.
देश-विशेद से पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
बाबा के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब लगातार कैंची धाम पहुंच रहा है. आश्रम परिसर और आसपास का पूरा क्षेत्र भक्तों की भीड़ से गुलजार है. "बाबा नीम करौली महाराज की जय" के जयकारों से पूरा धाम गूंज रहा है और हर श्रद्धालु बाबा के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त करने को उत्सुक दिखाई दे रहा है.
कैंची धाम में अखण्ड रामायण पाठ भी अनवरत जारी है. भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर यह वातावरण स्थापना दिवस के महत्व को और भी विशेष बना रहा है. माना जा रहा है कि इस बार स्थापना दिवस पर रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं.