
उत्तराखंड में रोजगार का मुद्दा गरमा गया है. जिसको लेकर मंगलवार को देहरादून में उत्तराखंड सचिवालय के पास उत्तराखंड बेरोजगार संघ के सैकड़ों सदस्यों और राज्य भर से आए सरकारी नौकरी के उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन किया. फिर सचिवालय की ओर मार्च किया. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों में हजारों खाली पदों के लिए तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू करे.
मार्च के दौरान हाथों में प्लेकार्ड लिए और सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए युवाओं ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाएं सालों से रुकी हुई हैं, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बावजूद लाखों उम्मीदवार निराश हैं. इंडिया टुडे/आज तक से बात करते हुए उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने दावा किया कि बेरोजगार युवा पिछले आठ वर्षों से सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों में लगभग 60000 पद खाली पड़े हैं और राज्य सरकार उन्हें भरने में विफल रही है.

धर्मेंद्र प्रधान और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
सरकार के 36,000 नौकरियां देने के दावे का जिक्र करते हुए कंडवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नियुक्तियों का विवरण देने वाला श्वेत पत्र जारी करने की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि संगठन ने सरकार को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी कि अगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन पूरे उत्तराखंड में किया जाएगा.
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के सचिव सजेन्द्र कठैत ने भी इंडिया टुडे/आज तक से बात की और आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बेरोजगार युवाओं की चिंताओं को नजरअंदाज किया है. उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के लिए जवाबदेही की मांग की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए परीक्षाओं और भर्ती से संबंधित मुद्दों को हल करने में बार-बार विफलता का आरोप लगाया.
बेरोजगार संघ ने इन विभागों में की भर्तियों की मांग
बेरोज़गार संघ ने AE/JE भर्ती का तुरंत नोटिफिकेशन जारी करने और इसी साल परीक्षा पूरी करने की मांग की है. साथ ही, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार लगभग 1,000 फॉरेस्ट गार्ड पदों पर भर्ती, असिस्टेंट अकाउंटेंट, स्केलर और जूनियर असिस्टेंट पदों के लिए विज्ञापन; और महिलाओं के लिए 350 स्पेशल पदों के साथ 1,500 पुलिस कॉन्स्टेबल पदों पर भर्ती की मांग भी की गई. संगठन ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर, फॉरेस्ट रेंजर, एक्साइज इंस्पेक्टर, जेल वार्डर, एक्साइज कॉन्स्टेबल, ट्रांसपोर्ट कॉन्स्टेबल, सेक्रेटेरिएट गार्ड और अन्य यूनिफॉर्म वाली सेवाओं के लिए नई वैकेंसी की भी मांग की.
बेरोज़गार युवाओं ने उत्तराखंड पब्लिक सर्विस कमीशन और उत्तराखंड सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमीशन से RO/ARO, JE, AE, EO, APS और ASO जैसे पदों के लिए एक पारदर्शी भर्ती कैलेंडर जारी करने का भी आग्रह किया.
भर्ती कैलेंडर के पालन की भी की मांग
अन्य मांगों के अलावा, संघ ने दोनों भर्ती आयोगों द्वारा उम्मीदवारों के मार्क्स जारी करने, LT टीचर भर्ती केस जीतने वाले उम्मीदवारों की तुरंत नियुक्ति, भर्ती कैलेंडर का पालन, शिक्षा विभाग में कथित फर्जी सर्टिफिकेट की STF से जांच, विभिन्न सरकारी विभागों में खाली लाइब्रेरियन पदों के लिए नए विज्ञापन निकालने की मांग की.
मार्च के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर हजारों खाली पद होने के बावजूद भर्ती में देरी करने का आरोप लगाया और सरकारी नौकरियों के लिए एक समय-सीमा वाला रोडमैप मांगा. उन्होंने भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के मामलों की तुरंत जांच की मांग की और चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे पूरे राज्य में आंदोलन करेंगे.