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कोरोना पर कंट्रोल के लिए CM योगी ने खुद संभाला मोर्चा, 3 दिन में तीन मंडलों का किया दौरा

कोरोना संक्रमित मरीजों के हर रोज मरने के मामले सामने आ रहे थे, जिसे लेकर विपक्ष ही नहीं बल्कि बीजेपी के नेताओं ने भी सवाल खड़े करने शुरू कर दिए थे. ऐसे में कोरोना से सरकारी की हो रही किरकिरी को देखते हुए सीएम योगी खुद ही ग्राउंड पर उतरकर जमीनी हकीकत को समझने और समस्या को दुरुस्त करने में जुट गए हैं. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना से पार पाते ही सीएम योगी सक्रिय
  • गोरखपुर से लेकर काशी तक सीएम का दौरा
  • योगी ने बरेली-मुरादाबाद गांव का जायजा लिया

कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब खुद ही फ्रंट पर आकर मोर्चा संभाल लिया है. लखनऊ में सबसे पहले शुक्रवार को वर्चुअल बैठक के स्थान पर अपने सरकारी आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिर से स्थलीय निरीक्षण करने मैदान में उतर गए हैं. इसी क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले शनिवार को मुरादाबाद-बरेली मंडला, फिर रविवार को वाराणसी और सोमवार को गोरखपुर में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण किया. 

कोरोना की दूसरी लहर के कहर ने उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया. प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर तमाम बड़े शहरों में, अस्पतालों में बेड से लेकर ऑक्सीजन की किल्लत और रेमडेसिविर जैसी दवाओं के लिए लोग परेशान थे. इसके चलते कोरोना संक्रमित मरीजों के हर रोज मरने के मामले सामने आ रहे थे, जिसे लेकर विपक्ष ही नहीं बल्कि बीजेपी के नेताओं ने भी सवाल खड़े करने शुरू कर दिए थे. ऐसे में कोरोना से सरकारी की हो रही किरकिरी को देखते हुए सीएम योगी खुद ही ग्राउंड पर उतरकर जमीनी हकीकत को समझने और समस्या को दुरुस्त करने में जुट गए हैं. 

गोरखपुर मंडल का सीएम ने लिया जायजा

सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को अपने गृह जनपद गोरखपुर के हालात जानने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को हर हाल में कोरोना का संक्रमण रोकने के निर्देश दिए. योगी ने कहा कि जिलों में रैपिड रिस्पांस टीमों (आरआरटी) व निगरानी समितियों की संख्या बढ़ाई जाए. कोविड प्रबंधन और कांटैक्ट ट्रेसिंग में लापरवाही अक्षम्य होगी. कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और हर कोविड अस्पताल में मरीजों के संबंध में जानकारी उनके स्वजन को जरूर दी जाए. होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीजों से सांसद व विधायक भी बात करें और उनका हौसला बढ़ाएं. 

सीएम योगी ने गोरखपुर में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से रूबरू होने के साथ ही गोरखपुर मंडल के देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज और बस्ती मंडल के बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर के अफसरों के साथ वर्चुअल संवाद किया. मुख्यमंत्री ने कोविड नियंत्रण के संबंध में हर जिले से विस्तृत जानकारी ली और कोरोना संक्रमण रोकने के लिए आरआरटी व निगरानी समितियों की संख्या तीन से चार गुना तक बढ़ाई जाने का निर्देश दिया. 

पीएम मोदी के काशी का हाल भी जाना
गोरखपुर से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का जायजा लेने रविवार को पहुंचे थे. इस दौरान वो वाराणसी मंडल के सभी जिलों के हालात से वाकिफ हुए. साथ ही उन्होंने बीएचयू में डीआरडीओ द्वारा बनाए गए 750 बेड के अस्पताल का निरीक्षण किया और कहा कि सरकार कोरोना महामारी का हर स्तर पर मुकाबला कर रही है. इसके अलावा वैक्सीन को लेकर भी उन्होंने कहा था कि सरकार 18 साल से ऊपर उम्र वाले लोगों को वैक्सीन उपलब्ध करा रही है. 

मुरादाबाद-बरेली मंडल का निरीक्षण किया
वहीं, शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद और बरेली मंडल का दौरा किया था. मुरादाबाद में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनोहरपुर गांव पहुंचे. इस दौरान उन्होंने वहां होम आइसोलेशन वाले कोरोना संक्रमित परिवार के अलावा ग्रामीणों से कोरोना के बचाव को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने मेडिकल आक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंडल में आठ आक्सीजन प्लांट स्वीकृत किए, जिनमें से तीन मुरादाबाद के लिए हैं. उन्होंने बताया कि पीएम केयर फंड से सीएम केयर फंड से बजट की मंजूरी दी गई है. 108 की एंबुलेंस सेवा कोविड कार्य के लिए भी काम करेगी और 253 एंबुलेंस मंडल में लगी हैं. 

बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ चंद्रमोहन कहते हैं कि कोरोना से संक्रमित होने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन भी आराम नहीं किया. संक्रमित होने के बावजूद लगातार मीटिंग करते रहे और जब कोरोना से निकले हैं तो लगातार करोना प्रभावित इलाकों का और अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं ताकि कोरोना को हर हाल में काबू किया जा सके. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार की यह दिन-रात की अथक मेहनत का फल है कि धीरे-धीरे हालात काबू में आ रहे हैं और उनकी यह कोशिश न सिर्फ मील का पत्थर साबित हो रही है बल्कि एक कर्मयोगी की तरह काम करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नजीर भी बनते जा रहे हैं. उम्मीद है यह मेहनत रंग लाएगी और जल्द ही हम करोना से जंग जीतेंगे. 

 

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