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यूपी सरकार का फैसला- कोरोना के कारण परोल पर रिहा होंगे 10 हजार कैदी

सबसे पहले चरण में उन कैदियों को रिहा किया जाएगा जो पहले भी छोड़े गए थे और बिना किसी परेशानी के परोल खत्म होने के बाद वापस भी आ गए थे.

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जेलों से कम होगा दबाव (सांकेतिक तस्वीर)
जेलों से कम होगा दबाव (सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुप्रीम कोर्ट ने दिया है कैदियों को रिहा करने के निर्देश
  • कम गंभीर आपराधिक मामलों में बंद कैदी होंगे रिहा

कोरोना वायरस की महामारी के बीच जेलों में भी संक्रमण फैलता जा रहा है. जेल में बंद कैदियों में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए यूपी सरकार ने अब कैदियों को परोल पर रिहा करने का निर्णय लिया है. यूपी सरकार प्रदेश की जेलों में बंद करीब 10 हजार कैदियों को परोल पर रिहा करेगी. परोल पर कैदियों की रिहाई चरणबद्ध तरीके से की जाएगी.

जानकारी के मुताबिक सबसे पहले चरण में उन कैदियों को रिहा किया जाएगा जो पहले भी छोड़े गए थे और बिना किसी परेशानी के परोल खत्म होने के बाद वापस भी आ गए थे. इसके बाद अन्य कैदियों की रिहाई पर विचार होगा. परोल पर कैदियों की रिहाई से यूपी की जेलों में बंद कैदियों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के खतरे को कम किया जा सकेगा.

गौरतलब है कि इस समय यूपी की जेलों में बंद डेढ़ हजार से अधिक कैदी कोरोना वायरस से संक्रमण की चपेट में हैं. यूपी की जेलों में बंद 1604 कैदी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. 11 कोरोना संक्रमित कैदियों की मौत भी हो चुकी है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जेल में कोरोना संक्रमण का खतरा कम करने के लिए कैदियों को परोल पर रिहा करने के लिए कहा था.

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सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि जेलों में बंद कम गंभीर अपराध वाले कैदियों को परोल देकर रिहा किया जाए. इससे जेलों का दबाव कम होगा और कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम किया जा सकेगा. पिछले साल भी लॉकडाउन के दौरान कोर्ट के निर्देश पर जेलों से कम गंभीर आपराधिक मामलों में जेलों में बंद कैदियों को रिहा किया गया था. बाद में उन कैदियों को चरणबद्ध तरीके से जेल भेजा गया.

 

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