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यूपीः रामपुर में उपचुनाव से पहले पुलिस और स्थानीय लोगों में झड़प, 4 हिरासत में

घेर मरदान खान मोहल्ला के लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा काटा. इस दौरान पथराव किए जाने की भी बातें सामने आईं. वहीं, हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा.

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उपचुनाव के मद्देनजर जिले में धारा-144 लागू कर दी गई है (फोटो-ट्विटर)
उपचुनाव के मद्देनजर जिले में धारा-144 लागू कर दी गई है (फोटो-ट्विटर)

  • चुनाव को देखते हुए हिस्ट्रीशीटरों को चेतावनी देने गई थी पुलिस
  • स्थानीय लोगों ने जमकर काटा हंगामा, लागू की गई धारा-144
उत्तर प्रदेश की रामपुर सीट पर उपचुनाव की घोषणा के बाद सभी राजनीतिक दल और राजनेता चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं. इस उपचुनाव को देखते हुए पुलिस भी अलर्ट हो गई है और जिले में धारा-144 लागू कर दी गई है. पुलिस की ओर से पिछले 5 साल के हिस्ट्रीशीटर और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित कर उनको चेतावनी दी जा रही है ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो.

हालांकि शनिवार को पुलिस द्वारा ऐसे अपराधियों को समझाना उस पर भारी पड़ गया. घेर मरदान खान मोहल्ला के लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा काटा. इस दौरान पथराव किए जाने की भी बातें सामने आईं. वहीं, हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा. इस मामले में पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है.

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रात करीब एक बजे कई थानों की पुलिस और सीओ ने मिलकर मोहल्ला घेर मरदान खान में छापामार कार्रवाई की. जानकारी के मुताबिक, घेर मरदान खान एरिया कुरैशियों का मोहल्ला है. देर रात पुलिस अपराधियों को चेतावनी देने के लिए पहुंची थी. इसके बाद शाम को फिर पुलिस घेर मरदान खान मोहल्ले में गई थी, लेकिन इस बार वहां के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस को वहां से लौटना पड़ा. फिर स्थानीय महिलाओं ने कोतवाली सदर का घेराव करते हुए सड़क जाम कर दी. इस दौरान पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा.

अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मरदान खान मोहल्ले के लोग सदर कोतवाली का घेराव करने आ रहे थे. इससे पहले लोगों ने सड़क जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. पुलिस ने जब उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग की और बल प्रयोग किया तो वे लोग वहां से भाग खड़े हुए. उन्होंने कहा कि ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ केस दर्ज कर सख्त एक्शन लिया जा रहा है.

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के नौ बार के विधायक रहे आजम खां के गढ़ रामपुर में होने वाला उपचुनाव बड़ा ही रोचक जंग लाने वाला है. यहां पर होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस और बसपा ने अपना उम्मीदवार पहले ही घोषित कर दिया है. वहीं, सपा सांसद आजम खान इन दिनों भूमाफिया से लेकर बकरी चोरी तक के कई दर्जन मुकदमे झेल रहे हैं. वह इस बीच में कई माह से अपने घर रामपुर भी नहीं आए हैं. जहां एक ओर आजम के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती है, वहीं सपा को अपना वोटबैंक सुरक्षित रखने की परीक्षा है.

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रामपुर विधानसभा सीट के इतिहास को देखें तो आजम यहां सन 1980 से लेकर अब तक चुनाव जीते हैं. हां एक बार 1996 में कांग्रेस से वह चुनाव हारे थे. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 2017 में जब भाजपा की सुनामी आई थी तब आजम अपनी और अपने बेटे की सीट बचाने में कामयाब रहे थे. अब उन्हीं के इस्तीफे के बाद उपचुनाव हो रहा है.

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