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मुनव्वर राणा की बेटी बोलीं- किसी हाल में लागू नहीं होने देंगे सीएए-एनआरसी

सुमैया ने कहा है कि कोरोना वायरस की महामारी के कारण ही आंदोलन स्थगित किया गया था. सीएए और एनआरसी के खिलाफ आंदोलन और तेज करेंगे.

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मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा
मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुमैया राणा बोलीं- और तेज होगा आंदोलन
  • लागू नहीं होने देंगे सीएए और एनआरसी
  • कोरोना वायरस के कारण रुका था आंदोलन

पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लागू करने की दहाड़ लगाई तो इसका विरोध कर रहा खेमा भी सक्रिय हो गया है. मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने कहा है कि सीएए और एनआरसी को किसी हाल में लागू नहीं होने देंगे.

सुमैया ने कहा है कि कोरोना वायरस की महामारी के कारण ही आंदोलन स्थगित किया गया था. सीएए और एनआरसी के खिलाफ आंदोलन और तेज करेंगे. उन्होंने कहा है कि बीजेपी के कद्दावर नेताओं की ओर से जो बयान आ रहा है कि कोरोना खत्म हो गया है और सीएए और एनआरसी अब लागू होगा. मैं भी उनकी जानकारी के लिए बता दूं कि ऐसा कुछ भी नहीं होगा.

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सुमैया ने कहा कि अगर उन्होंने सीएए और एनआरसी इसलिए नहीं लागू किया था, क्योंकि कोरोना था तो हमारा आंदोलन भी इसीलिए ही रूक गया था. हमें देश और जनता के हित के लिए आंदोलन वापस ले लिया था, जब तक महामारी का प्रकोप चल रहा है. उन्होंने कहा कि साफ तौर पर यह क्लियर करना चाहती हूं कि सीएए, एनआरसी इस मुल्क के लिए नहीं बना है. सुमैया ने कहा कि सीएए और एनआरसी को किसी भी हाल में लागू नहीं होने देंगे.

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उन्होंने कहा कि हमने शासन और प्रशासन को लिखकर इसीलिए अपना आंदोलन वापस किया था कि जैसे ही महामारी का प्रकोप खत्म होगा, हम अधिक तेजी से आंदोलन करेंगे. मुनव्वर राणा की बेटी ने जिस तरीके से इन लोगों ने कोरोना काल में लोगों ने जनता को परेशान किया. अब तो इस बात से साफ है कि और भी लोग इस आंदोलन से जुड़ेंगे. जो लोग पहले सोच रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी हमारे उत्थान के लिए सोच रही थी, अब उनके चेहरे से नकाब और आंखों पर से पर्दा हट गया है. वह समझ गए हैं कि इस पार्टी के पास हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद के अलावा कुछ भी नहीं है.

वहीं, लखनऊ के घंटाघर पर हुए प्रोटेस्ट में मुख्य भूमिका निभाने वाली सैयद उज्मा परवीन ने कहा कि देश को इस काले कानून की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर यह सरकार सीएए-एनआरसी को लागू करना चाहती है, तो हम भी उन्हें चुनौती देते हैं कि जोरदार प्रदर्शन के लिए तैयार रहें.

(आशीष श्रीवास्तव के इनपुट के साथ

 

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