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UP: मायावती के भतीजे ने ओपी राजभर को बताया अवसरवादी!, बसपा के साथ सुभासपा के गठबंधन का रास्ता बंद

ओमप्रकाश राजभर और अखिलेश यादव के बीच पिछले दिनों गठबंधन टूटने के बाद से ही कायस लगाए जा रहे थे कि राजभर अब बसपा के साथ गठबंधन कर सकते हैं. हालांकि मायावती के भतीजे ने सोमवार को इन कयासों पर विराम लगा दिया है. वैसे राजभर कह चुके हैं कि अब उनके पास शिवपाल के अलावा कई और दलों के साथ जाने के विकल्प हैं.

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ओम प्रकाश राजभर की उम्मीदों पर बसपा ने फेरा पानी (फाइल फोटो)
ओम प्रकाश राजभर की उम्मीदों पर बसपा ने फेरा पानी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सपा से अलग होने के बाद बसपा संग आने के दिए थे संकेत
  • बसपा के राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर आकाश आनंद ने ट्वीट कर साधा निशाना

मायावती के भतीजे और बसपा के राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर आकाश आनंद ने ट्वीट कर सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर पर इशारों में निशाना साधा. उन्होंने राजभर का नाम लिए बैगर कहा,''यूपी की पूर्व सीएम मायावती के शासन, प्रशासन, अनुशासन की पूरी दुनिया तारीफ करती है. कुछ अवसरवादी लोग बहनजी के नाम के सहारे अपनी राजनीतिक दुकान चलाने की कोशिश करते हैं. ऐसे स्वार्थी लोगों से सावधान रहने की जरूरत है.

अखिलेश यादव से गठबंधन टूटने के बाद सुभासपा प्रमुख दलितों और पिछड़ों के मुद्दे उठाते हुए सपा को दलित विरोधी बताने में जुट गए हैं. अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि राजभर बसपा से नजदीकी बढ़ा सकते हैं. इन्हीं अटकलों के बीच आकाश आनंद ने यह ट्वीट कर दिया.

 बसपा के राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर आकाश आनंद ने किया ट्वीट

राजभर ने मायावती के साथ गठबंधन के दिए थे संकेत

ओमप्रकाश राजभर ने सपा से गठबंधन टूटने के कुछ दिन पहले कहा था कि अगर अखिलेश यादव खुद गठबंधन तोड़े और कहें कि हम आपके साथ नहीं रहेंगे तो फिर नया गठबंधन बनाया जाएगा. इस दौरान उन्होंने मायावती के साथ गठबंधन के भी संकेत दिए थे.

उन्होंने बहुजन समाज पार्टी जिंदाबाद बोलते हुए कहा था कि अब हम गठबंधन के लिए बसपा अध्यक्ष मायावती का दरवाजा खटखाटएंगे. उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में उनकी पार्टी का मजबूत संगठन हैं. ऐसे में अगर बसपा के साथ उनके समाज का वोटर जुड़ जाएगा तो बसपा और मजबूत होकर उभरेगी.

23 को सपा ने जारी की गठबंधन तोड़ने की चिट्ठी

सपा ने 23 जुलाई को एक चिट्ठी जारी कर ओम प्रकाश राजभर पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया. इस चिट्ठी में यह लिखा, 'समाजवादी पार्टी लगातार भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लड़ रही है. आपका (ओम प्रकाश राजभर) बीजेपी के साथ गठजोड़ है. वह बीजेपी को लगातार मजबूत कर रहे हैं. अगर आपको लगता है कहीं ज्यादा सम्मान मिलेगा तो वहां जा सकते हैं.

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