यूपी के फतेहपुर में रेप के एक आरोपी को चप्पलों की माला पहनाकर गांव में घुमाया गया. रेप की घटना पांच दिन पहले हुई थी. पीड़ित महिला सात बच्चों की मां है. बताया जा रहा है कि आरोपी के परिजनों ने एफआईआर दर्ज न कराने की शर्त पर यह बेइज्जती बर्दाश्त की है.
जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में एक शख्स पर काछी जाति की एक अधेड़ महिला से रेप करने का आरोप था. महिला चार लड़कों और तीन लड़कियों की मां है. इस घटना की जानकारी जब उसके परिजनों को हुई तो वे आग बबूला हो उठे. लोकलाज और दबाब को उन्होंने थाने में इसकी सूचना नहीं दी.
के परिजनों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि अपराधी युवक का मान भंग किया जाए. सहमति के आधार पर रविवार सुबह नौ बजे आरोपी को गांव के प्रधान के दरवाजे पर लाया गया. उसका हाथ बांधकर चप्पलों की माला पहनाई गई. उसे गांव की हर गली में घुमाया गया.
पुलिस को भी इस मामले की जानकारी हुई, लेकिन वह एफआईआर के लिए तहरीर आने का इंतजार करती रही. इसके बाद ही इस मामले में कोई कार्रवाई की जा सकती है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि रेप जैसे जघन्य अपराध के लिए क्या इस तरीके की सजा पर्याप्त है?