मुजफ्फरनगर दंगों के लिए चौतरफा आलोचना झेल रहे अखिलेश यादव ने अपनी सरकार और मंत्रियों का पुरजोर बचाव किया है. अखिलेश यादव ने दंगों के पीछे बीजेपी का हाथ बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि दंगों से निपटने में प्रशासन से भूल हुई.
हमारे सहयोगी चैनल हेडलाइंस टुडे से खास बातचीत में अखिलेश यादव ने वरिष्ठ सपा नेता और शहरी विकास मंत्री आजम खान का खुलकर बचाव किया. उन्होंने कहा कि आजम खान ने दंगों के दौरान किसी भी पुलिसवाले को फोन नहीं किया.
आजम खान का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, 'आजम खान ने कभी भी किसी पुलिस अधिकारी को फोन नहीं किया.' आजम खान पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने आरोपियों को छुड़वाने के लिए फोन किए थे.
अखिलेश यादव ने दावा किया कि वे मुजफ्फरनगर दंगों की निष्पक्ष जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी भी समुदाय के बीच भेदभाव नहीं करती है.
बीजेपी पर मुजफ्फरगन दंगों को भड़काने का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सीडी बनाने और उसका प्रचार करने में माहिर है. बीजेपी ने ही यू-ट्यूब से वीडियो डाउनलोड कर उसे लोगों के बीच फैलाया.
गौरतलब है कि कहा जा रहा था कि पाकिस्तान से आया एक प्रतिबंधित यू-ट्यूब वीडियो मुजफ्फरनगर में भड़के दंगों के लिए जिम्मेदार है. इस क्लिप में दिखाया गया था कि कैसे साल 2010 में सियालकोट में भीड़ ने दो भाइयों को पीट-पीटकर लहूलुहान कर उनकी हत्या कर दी.
अखिलेश ने कहा, 'आरोप लगाने वाले एक पक्ष ने कहा कि लड़की के साथ छेड़खानी हुई और दूसरे पक्ष ने कहा कि मारपीट की गई. पुलिस से उस वक्त जो हो सकता था, वो किया गया. मैंने खुद लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए.'
मुजफ्फरनगर में हुए सांप्रदायिक दंगों पर आजतक द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन से तिलमिलाए अखिलेश यादव ने पहले दावा किया था कि यह स्टिंग ऑपरेशन एक एजेंडे के साथ सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया है. हालांकि स्टिंग ऑपरेशन में दिखाई गई बातों का उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं है.
आजतक के खुलासे के बाद आजम खान ने सफाई दी थी. उन्होंने कहा था कि उन्हें मुजफ्फरनगर दंगों के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता. उन्हें बदनाम करने की साजिश हो रही है और यूपी के किसी भी दंगे में उनका हाथ नहीं है.
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर दंगों पर आजतक के सबसे बड़े खुलासे के बाद सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है. उत्तर प्रदेश सरकार सवालों के घेरे में आ गई है. बीजेपी और बीएसपी ने मांग है कि अखिलेश सरकार को बर्खास्त किया जाए और सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू हो. कांग्रेस स्टिंग ऑपरेशन में हुए खुलासे की जांच कराने की मांग कर रही है.
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