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आज अयोध्या जाएंगे सलमान हुसैन नदवी, मस्जिद के लिए जमीन पर कर सकते हैं बात

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पूर्व सदस्य मौलाना सलमान हुसैन नदवी आज अयोध्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे और कई मदरसों में छात्रों, शिक्षकों के साथ मिलकर अपनी बात रखेंगे. सलमान नदवी अयोध्या के पूर्व पक्षकारों और महंतों से भी मुलाकात करेंगे.

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मौलाना सलमान हुसैन (Photo- Facebook)
मौलाना सलमान हुसैन (Photo- Facebook)

  • मौलाना सलमान हुसैन नदवी आज जा रहे अयोध्या
  • अयोध्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों से करेंगे मुलाकात
  • अयोध्या के पूर्व पक्षकारों और महंतों से भी करेंगे मुलाकात

मुस्लिम समुदाय में यह विचार जोर पकड़ रहा है कि अयोध्‍या में नई मस्जिद बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक दी जाने वाली पांच एकड़ जमीन के प्रस्‍ताव को मंजूर करना चाहिए या नहीं. इसे लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) 17 नवंबर को बैठक करेगा. इस बैठक में मुस्लिम पक्ष चर्चा करेगा कि उन्हें अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करनी है या नहीं. 

इसी बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पूर्व सदस्य मौलाना सलमान हुसैन नदवी आज यानी शनिवार को अयोध्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे और कई मदरसों में छात्रों, शिक्षकों के साथ मिलकर अपनी बात रखेंगे. सलमान नदवी अयोध्या के पूर्व पक्षकारों और महंतों से भी मुलाकात करेंगे. साथ ही प्रशासन द्वारा चिन्हित की जा रही मस्जिद के लिए जमीनों पर भी चर्चा कर सकते हैं.

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मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की भी मांग

बता दें कि सलमान हुसैन नदवी पूरे प्रतिनिधिमंडल के साथ कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिल चुके हैं. उन्होंने अयोध्या में मस्जिद के साथ-साथ एक मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की भी मांग की थी. प्रतिनिधिमंडल में मौलाना हमीदुल हसन, मौलाना सलमान हुसैन नदवी, मौलाना फरीदुल हसन, मौलाना यूसुफ हुसैनी भी शामिल थे.

कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं और उलेमाओं के साथ सीएम योगी की वह पहली मुलाकात थी. अल्पसंख्यक मंत्री मोहसिन रजा भी उस बैठक में शामिल थे.

गौरतलब है कि अयोध्या जमीन विवाद पर 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया. अयोध्या में यह विवाद सदियों से चला आ रहा था. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन का मालिक रामलला विराजमान को माना है, जबकि सुन्नी वफ्फ बोर्ड को कोर्ट ने अयोध्या में ही अलग जगह 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है.

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