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मोदी के निर्देश पर बीजेपी सांसद ने अपने पिता की नियुक्ति ली वापस

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर बीजेपी की एक महिला सांसद ने अपने पिता को अपने चुनाव क्षेत्र में खुद का प्रतिनिधि नियुक्त करने के फैसले को वापस ले लिया है. मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों को हिदायत दी है कि वे अपने निजी स्टाफ के रूप में संबंधियों को नियुक्त नहीं करें.

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नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर बीजेपी की एक महिला सांसद ने अपने पिता को अपने चुनाव क्षेत्र में खुद का प्रतिनिधि नियुक्त करने के फैसले को वापस ले लिया है. मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों को हिदायत दी है कि वे अपने निजी स्टाफ के रूप में संबंधियों को नियुक्त नहीं करें.

बीजेपी के सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से पार्टी सांसद प्रियंका सिंह रावत ने अपने पिता उत्तम राम को अपने चुनाव क्षेत्र में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया था. जब उन्हें बताया गया कि मोदी उनके इस निर्णय से नाखुश हैं और चाहते हैं कि वह इस फैसले को बदलें. यह संदेश मिलते ही रावत ने अपने निर्णय को वापस ले लिया.

मोदी ने जिस दिन प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, उसी दिन (26 मई) रावत ने एक परिपत्र जारी किया, जिसमें बताया गया था कि अपने चुनाव क्षेत्र में विकास सहित सभी कार्य देखने के लिए उन्होंने अपने पिता को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है. इस परिपत्र की प्रतियां, जिला अधिकारियों सहित जिला मजिस्ट्रेट को भेजी की गई थीं. रावत ने हालांकि अपने निर्णय का बचाव करते हुए तर्क दिया कि उन्होंने मोदी द्वारा अपने मंत्रियों को दिए गए निर्देश से पहले अपने पिता को अपना प्रतिनिधि नियुक्त करने का निर्णय किया था.

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गौरतलब है कि मोदी सरकार ने अपने सभी मंत्रियों से यह भी कहा है कि निजी सचिव को छोड़कर वे अपने निजी स्टाफ के तौर पर उप सचिव और उससे उच्च पदों पर नियुक्तियां करने से पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति से पूर्व अनुमति लें. समझा जाता है कि ऐसा मंत्रियों को अपने परिचतों, संबंधियों और मित्रों को निजी स्टाफ में शामिल करने से हतोत्साहित करने के लिए किया गया है.

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