मुजफ्फरनगर दंगों को चार महीने बीत चुके हैं. वहां बसे शरणार्थियों के तंबू भी उखाड़ दिए गए हैं, लेकिन बहुजन समाज पार्टी के नेताओं को अब जाकर पीड़ितों की याद आई है. यही नहीं पार्टी सुप्रीमो मायावती अब भी इस रस्म अदायगी के लिए फुरसत नहीं निकाल पाई हैं, इसलिए वरष्ठि नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी और स्वामी मौर्य पीड़ितों से मिलने गए.
दंगे पर सियासी बाण छोड़ते हुए दोनों बसपा नेताओं ने इसे सपा और बसपा का साजिश कराद दिया है. उन्होंने कहा कि चार माह बाद भी पीड़ितों के घाव पर मरहम नहीं लग पाया है. उन्होंने राहुल गांधी, मुलायम सिंह यादव और प्रमुख सचिव पर अनर्गल बयानबाजी का आरोप भी लगाया.
किया पार्टी का बचाव
बसपा नेताओं ने सांझक, शाहपुर, लोई, जौला में दंगा प्रभावित लोगों की पीड़ा सुनी. काकड़ा में मृतकों के परिवार से मिलकर उन्होंने सांत्वना दी. पीड़ितों से मिलकर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि दंगा एक सोची-समझी साजिश है. सपा और बीजेपी का सुनियोजित षड्यंत्र है.
उन्होंने कहा कि बसपा चार माह से दंगा पीड़ितों से इसलिए नहीं मिली कि पार्टी पर इसे सियासी रंग देने का अरोप लग जाएगा. लेकिन अब हद हो गई है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आतंकवादियों से तार जोड़ रहे हैं तो मुलायम सिंह यादव शिविर में रहने वालों को कांग्रेस और बीजेपी के लोग बता रहे हैं.