scorecardresearch
 

AAP से निकाले गए योगेंद्र यादव बनाएंगे नई पार्टी

स्वराज अभियान के संयोजक योगेंद्र यादव ने कहा, ‘पार्टी का गठन करते समय यह सुनिश्चित करेंगे कि स्वराज अभियान स्वतंत्र रूप से काम करता रहे और इसका प्रस्तावित पार्टी में विलय न हो.’

Advertisement
X
योगेंद्र यादव (फाइल फोटो)
योगेंद्र यादव (फाइल फोटो)

आम आदमी पार्टी से निकाले गए योगेंद्र यादव ने कहा कि वह एक नई पार्टी बनाना चाहते हैं जो आतंरिक लोकतंत्र, पारदर्शिता, जवाबदेही के मानकों पर खरा उतरकर देश भर में उर्जा का संचार करे.

स्वराज अभ‍ियान का पार्टी में विलय नहीं होगा
स्वराज अभियान के संयोजक ने कहा, ‘पार्टी का गठन करते समय यह सुनिश्चित करेंगे कि स्वराज अभियान स्वतंत्र रूप से काम करता रहे और इसका प्रस्तावित पार्टी में विलय न हो.’ उन्होंने इस संदर्भ में आम आदमी पार्टी की मूल संस्था ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ का जिक्र करते हुए कहा कि उसे समाप्त करना एक भूल थी जिसके कारण पार्टी पर नजर रखने और मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं रह गया.

बोले- चुनाव लड़ना हमारा उद्देश्य नहीं
ने कहा, ‘हमारी नीति स्पष्ट है और हम एक वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति विकसित करना चाहते हैं और पार्टी बनाना चाहते हैं. हम इसके द्वारा आतंरिक लोकतंत्र, पारदर्शिता, जवाबदेही के मानकों पर खरा उतरकर देश भर में उर्जा का संचार करना चाहते हैं. इस दिशा में हमने कई कदम उठाए हैं.’ उन्होंने कहा कि किसी भी तरह से पार्टी बनाना और चुनाव लड़ना हमारा उद्देश्य नहीं है. इस विषय पर जो भी होगा, सार्वजनिक तौर पर और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए होगा.

Advertisement

किसानों के मुद्दा उठाते रहेंगे
स्वराज अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक प्रयास है. देश में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में जो अद्भुत उर्जा पैदा हुई थी, उस उर्जा को बनाए रखकर राष्ट्र के विकास के लिए उपयोग किया जाए. यादव ने कहा, ‘फिलहाल हमारा सारा ध्यान कुछ ऐसे मुद्दों पर है जिन्हें देश की राजनीति की मुख्यधारा में नहीं उठाया गया. जो ज्वलंत हैं लेकिन जिन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.’ उन्होंने कहा कि किसानों का मुद्दा एक प्रमुख विषय है जिस पर ध्यान नहीं दिया गया. भूमि अधिग्रहण और देश में सूखे की स्थिति ऐसे विषय है जिन्हें हमने उठाया है और आगे भी समेकित ढंग से काम करना है.

दिल्ली में 27-28 फरवरी को सम्मेलन
योगेंद्र ने कहा कि बुंदेलखंड में सूखे का विषय, खाद्य सुरक्षा कानून का अनुपालन जैसे कई मुद्दे हैं जिन्हें स्वराज आंदोलन ने आगे बढ़ाया है. खाद्य सुरक्षा कानून के विषय पर हमने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने कहा कि हम देशभर के भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ताओं को एक बार फिर से एकजुट करेंगे और इस दिशा में दिल्ली में 27 और 28 फरवरी को सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं.

इनपुट: भाषा

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement