केरल के वायनाड जिले में हाथी के हमले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया. इस घटना के बाद इलाके में एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ गई है. स्थानीय लोग लंबे समय से सुरक्षा के मजबूत इंतजाम की मांग कर रहे हैं. मृतक महिला की पहचान पुथुमाला निवासी जेसी के रूप में हुई है. घटना मेप्पडी इलाके में हुई, जब जेसी अपने पति शाजी के साथ स्कूटर से जा रही थीं. इसी दौरान एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया. हमले में जेसी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति शाजी गंभीर रूप से घायल हो गए.
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आगे की कार्रवाई शुरू की. घायल शाजी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. इलाके में हाथियों की आवाजाही और लगातार हो रहे हमलों को लेकर लोगों में डर का माहौल बना हुआ है. वायनाड क्षेत्र में पिछले काफी समय से मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आ रही हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि जंगली हाथियों और अन्य वन्यजीवों की आबादी वाले इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं. ग्रामीण लंबे समय से फेंसिंग, निगरानी और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं.
हाथी के हमले से महिला की दर्दनाक मौत
घटना के बाद मंत्री टी. सिद्दीकी ने मृतक महिला के परिवार को तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. सरकार ने कहा है कि प्रभावित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी. वायनाड के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर आशिक अली ने बताया कि हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फेंसिंग और अन्य सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा.
मृतका के परिवार को 10 लाख की सहायता दी
अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मामले और मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं की समीक्षा के लिए इस महीने की 30 तारीख को वायनाड में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में वन मंत्री, कृषि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. लगातार हो रहे हाथी हमलों ने वायनाड के लोगों की चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय लोग अब सरकार से स्थायी और प्रभावी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.