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मछुआरों के मुद्दे पर गरजे टीवीके प्रमुख विजय, कहा- चिट्ठी नहीं, सख्त कदम उठाने होंगे

तमिलगा वेट्री कजगम के प्रमुख विजय ने मछुआरों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ चिट्ठी लिखने से काम नहीं चलेगा, केंद्र पर भावनात्मक दबाव बनाना होगा. करूर घटना और फिल्म जननायगन की रिलीज को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. विजय ने DMK पर हमला बोलते हुए कहा कि तमिलनाडु टीवीके का है और टीवीके तमिलनाडु का.

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तमिलगा वेट्री कजगम के प्रमुख विजय (Photo: ITG)
तमिलगा वेट्री कजगम के प्रमुख विजय (Photo: ITG)

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. टीवीके के प्रमुख और अभिनेता विजय ने मछुआरों के मुद्दे से लेकर करूर घटना और अपनी फिल्म जननायगन की रिलीज तक कई विषयों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम पर सीधे और परोक्ष रूप से निशाना साधा.

मछुआरों के मुद्दे पर केंद्र पर दबाव बनाने की मांग

टीवीके के प्रमुख विजय ने कहा कि मछुआरों की समस्या पर सिर्फ पत्र लिखने से काम नहीं चलेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी समुद्र में मछुआरे पकड़े जाते हैं तो मुख्यमंत्री एक पत्र लिख देते हैं और फिर चुप हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह बार बार पत्र लिखने से कोई हल नहीं निकलता.

विजय ने कहा कि केंद्र सरकार पर सच्चा और भावनात्मक दबाव बनाना जरूरी है ताकि हमारे मछुआरों को कोई हाथ तक न लगा सके. उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा पूरी तरह पुख्ता होनी चाहिए और यही उनका एकमात्र एजेंडा है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार उनकी ही सरकार आएगी.

करूर घटना और ‘जननायगन’ की रिलीज पर प्रतिक्रिया

करूर में लगे आरोपों से लेकर उनकी फिल्म जननायगन की रिलीज तक उठे विवादों पर भी विजय ने बात की. उन्होंने कहा कि करूर में जो आरोप लगाए गए और उनकी फिल्म की रिलीज तक जो माहौल बनाया गया, उस पर कई लोगों ने आवाज उठाई.

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विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी इस मुद्दे पर परोक्ष रूप से अपनी बात रखी थी. इसके बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री और बाकी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने इस विषय पर अपनी राय दी. उन्होंने यह भी कहा कि वह इतनी खुलकर बात कर रहे हैं तो उन्हें नहीं पता कि मुख्यमंत्री की मनःस्थिति इस समय क्या होगी.

DMK पर तीखा हमला

इसके अलावा विजय ने अपने भाषण में DMK पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कुछ लोग चेन्नई में दिल्ली दिल्ली के नारे लगाते हैं और जब छापेमारी होती है तो दिल्ली के लिए सफेद छाता पकड़ते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि लोगों को पता है कि वो कौन हैं.

विजय ने कहा कि यह दावा किया जाता है कि सिर्फ DMK ही तमिलनाडु की रक्षा कर रही है और वही राज्य को आगे बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि यह बात अब नहीं चलेगी. उन्होंने एक नारे का जिक्र करते हुए कहा कि छोटे बच्चे भी कहने लगे हैं, ओम शक्ति, परा शक्ति, DMK एक बुरी शक्ति है. उन्होंने कहा कि तमिल, तमिल, तमिलनाडु कहने से ही सब कुछ नहीं होता.

क्रिकेट और चुनावी संदेश

विजय ने अपने भाषण में क्रिकेट का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जैसे क्रिकेट में तमिलनाडु की टीम को दिल्ली की टीम छू भी नहीं सकती, वैसे ही राजनीति में भी तमिलनाडु को कोई नहीं हरा सकता. उन्होंने कहा कि क्रिकेट में तमिलनाडु सीटी बजाता है और आने वाले चुनाव में उनकी पार्टी भी सीटी बजाएगी.

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उन्होंने दोहराया कि तमिलनाडु टीवीके है और टीवीके तमिलनाडु है. साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली की टीम और बाकी सभी टीमें टूट जाएंगी और उनकी पार्टी उन्हें परास्त करेगी.

सियासी माहौल गर्म

विजय के इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. मछुआरों की सुरक्षा का मुद्दा पहले से ही संवेदनशील है और इस पर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की जरूरत बताई जाती रही है.

करूर की घटना और फिल्म रिलीज से जुड़े विवादों को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है. विजय के ताजा बयान से साफ है कि वह आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपने समर्थकों को सीधा संदेश देना चाहते हैं.

पार्टी के लिए माहौल बनाने की कोशिश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय ने भावनात्मक मुद्दों को उठाकर अपनी पार्टी के लिए माहौल बनाने की कोशिश की है. अब देखना होगा कि इन बयानों का आने वाले समय में क्या असर पड़ता है.
 

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