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योगी के MLA ने इंजीनियर को पहनाई नोटों की माला, जानिए वजह

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बीजेपी विधायक पेयजल संकट दूर करने के अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. कुछ दिन पहले एक विधायक ने टैंकर प्रभारी को मुर्गा बनाकर सरेआम बेइज्जत किया था और अब मंगलवार को तिंदवारी के विधायक बृजेश प्रजापति ने जल निगम के अधीक्षण अभियंता को नोटों की माला पहनाकर उन पर भ्रष्टाचार के आरोप जड़े हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने जल संस्थान महाप्रबंधक के कार्यालय पर ताला भी जड़ दिया.

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योगी के विधायक ने
योगी के विधायक ने

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बीजेपी विधायक पेयजल संकट दूर करने के अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. कुछ दिन पहले एक विधायक ने टैंकर प्रभारी को मुर्गा बनाकर सरेआम बेइज्जत किया था और अब मंगलवार को तिंदवारी से विधायक बृजेश प्रजापति ने जल निगम के अधीक्षण अभियंता को नोटों की माला पहनाकर उन पर भ्रष्टाचार के आरोप जड़े हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने जल संस्थान महाप्रबंधक के कार्यालय पर ताला भी जड़ दिया.

बांदा जिले के तिंदवारी से विधायक बृजेश प्रजापति ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में जल निगम की ओर से लगवाए गए हैंडपंप मानक के विपरीत हैं, जिनमें पुराने पाइपों का इस्तेमाल किया गया है. विधायक निधि से लगे हैंडपंपों में जल निगम के अधिकारियों ने घोर कमीशनबाजी की है. लिहाजा पेयजल संकट से उबरने के बहाने अधिकारी घटिया काम न करें और बतौर रिश्वत अधीक्षण अभियंता यह रकम अपने पास रख लें."

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विधायक ने जल निगम कार्यालय से सटे जल संस्थान के महाप्रबंधक कार्यालय में उनके गैर हाजिर रहने पर ताला जड़ दिया और चाबी कमिश्नर को सौंप दी. हालांकि कमिश्नर राम विशाल मिश्र ने विधायक की इस हरकत को गैर जिम्मेदाराना माना है. साथ ही विधायक को मर्यादित आचरण करने की नसीहत दी है. बुधवार को उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि को किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को इस तरह बेइज्जत करने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें मर्यादित आचरण अपनाना चाहिए.

बुधवार को जल निगम के अधीक्षण अभियंता एमसी श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारी सेवा में पहली बार ऐसे विधायक देखे हैं. अगर हम भ्रष्ट हैं, तो उनको इसकी जांच करानी चाहिए. इस तरह सरेआम बेइज्जत नहीं करना चाहिए. उन्होंने सामूहिक तौर पर सभी विधायकों और सांसदों पर आरोप भी लगाया कि विधायक/सांसद निधि हो या बुंदेलखंड विकास निधि, सभी में जनप्रतिनिधि खुलेआम 20-25 फीसदी कमीशन लेते हैं, जिसकी हकीकत निधियों से करवाए गए कार्यों के भौतिक सत्यापन से उजागर हो रही है.

बुधवार को विधायक बृजेश प्रजापति ने फिर दोहराया कि जल निगम और जल संस्थान पेयजल संकट के प्रति संवेदनहीन हैं और सिर्फ कमीशनखोरी पर उतारू हैं. इस घटना के कुछ दिन पहले ही बांदा से बीजेपी के सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने जल संस्थान के टैंकर प्रभारी नरेन्द्र कुमार को सरेआम मुर्गा बनाने के बाद बेहोश होने तक उठक-बैठक लगवा चुके हैं.

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